जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने शनिवार शाम अपने अखाड़े की ओर से हरिद्वार कुंभ-2021 समाप्ति की घोषणा कर दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज सुबह ही उनसे फोन पर चर्चा कर इसके लिए आग्रह किया था। बता दें, देश में कोरोना महामारी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसलिए कई अखाड़ों ने कुंभ मेले में अपने शिविर बंद करने का निर्णय लिया है।
जूना अखाड़ा की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'भारत की जनता व उसकी जीवन रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमने कुंभ में आवाहित समस्त देवताओं का विसर्जन कर दिया है। जूना अखाड़ा की ओर से यह कुंभ का विधिवत विसर्जन-समापन है।'
प्रतीकात्मक आयोजन होते रहेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद साधु-संतों ने हरिद्वार कुंभ को 13 दिन पहले ही खत्म करने पर सहमति दे दी। तय कार्यक्रम के अनुसार इस बार मेला 30 अप्रैल तक चलने वाला था। कोरोना के कारण उत्तराखंड सरकार ने मेले की समयाविध भी घटाकर एक माह कर दी थी।
पीएम मोदी ने की स्वामी अवधेशानंद गिरि से बात
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से फोन पर बात की थी। पीएम मोदी ने उनसे कुंभ में लोगों के जमावड़े को खत्म कर उसे सिर्फ प्रतीकात्मक तौर पर सीमित रखने की अपील की थी।
175 साधु संक्रमित पाए गए
शनिवार को आई कोरोना रिपोर्ट के अनुसार कुंभ मेले के 175 साधु संक्रमित मिले हैं। इन्हें मिलाकर अब तक 229 साधु संत संक्रमित हो चुके हैं।
अंतिम शाही स्नान 27 अप्रैल को था
मेले में 13 अखाड़ों में सबसे बड़ा जूना अखाड़ा है। इसने शनिवार शाम को कुंभ खत्म करने की घोषणा कर दी, जबकि निरंजनी और आनंद अखाड़ा पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं। मेले में आखिरी शाही स्नान 27 अप्रैल को होने वाला था।