वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकसित देशों को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से बाहर निकलकर विकासशील देशों की मदद करने और लोगों को सशक्त बनाने पर ध्यान देने की सलाह दी है।
सीतारमण ने शुक्रवार को जापान के निगाता शहर में जी-7 समूह की एक संगोष्ठी में कहा कि प्रौद्योगिकी की मदद से गरीब व्यक्ति के लिए बाजार एवं बुनियादी सेवाओं तक पहुंच का रास्ता आसान बनता है। डिजिटल संपर्क तक पहुंच होने से लोग सशक्त हुए हैं। ऐसे में विकसित देशों को अब विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़ों पर नजर रखने के बजाय डिजिटल संपर्क को बेहतर कर लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने ‘कल्याण के लिए आर्थिक नीतियों’ पर आयोजित संगोष्ठी में कहा कि उभरते बाजारों एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) में जलवायु सुरक्षा और वृद्धि को लेकर असमंजस की स्थिति देखी जाती है। ये देश संकट और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करते हैं। एजेंसी
टिकाऊ वृद्धि व पर्यावरण में संतुलन जरूरी
वित्त मंत्रालय के ट्वीट के मुताबिक, वित्त मंत्री ने टिकाऊ वृद्धि और पर्यावरण के महत्व के साथ अल्पावधि एवं दीर्घावधि में इन दोनों के बीच संतुलन साधने की जरूरत पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक ढांचा, टिकाऊ और समावेशी विकास के लिए जरूरी ग्रीन हाइड्रोजन की महत्ता पर बल दिया।
सीतारमण जी-7 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक में आमंत्रित सदस्य के रूप में हिस्सा लेने के लिए जापान की यात्रा पर हैं।
जी20 अध्यक्ष के रूप में भारत के संचालन की सराहना
सीतारमण ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ब्राजील के वित्त मंत्री हद्दाद फर्नांडो से भी मुलाकात की।
वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, फर्नांडो ने जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत के संचालन की सराहना की।
-दोनों वित्त मंत्रियों ने बुनियादी ढांचे, बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर चर्चा की।
-सीतारमण ने 2024 में जी-20 अध्यक्षता के लिए ब्राजील को अपना समर्थन दिया।