केंद्र सरकार कर्मचारियों और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारी पीएफ विभाग में खुद ही पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें सैलरी स्लिप समेत अन्य दस्तावेज देने होंगे। श्रमिक संगठनों ने सरकार के मसौदे का स्वागत किया है।
केंद्र सरकार कर्मचारियों और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए सोशल सिक्योरिटी कोड लाने जा रही है। इसमें कई तरह के श्रम कानूनों को खत्म करने का प्रावधान किया जा रहा है। ऑल इंडिया इंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड स्टाफ फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि सरकार की ओर से तैयार प्रस्ताव में नए परिवर्तन किए जा रहे हैं।
इसमें प्रावधान किया गया है कि जिस कर्मचारी या श्रमिक का पंजीकरण औद्योगिक प्रष्ठिान के संचालक ने नहीं कराया है, वह खुद अपना पंजीकरण करा सकता है। इसके लिए उसे नौकरी संबंधी प्रमाण पत्र (सैलरी स्लिप, बैंक में जाने वाले वेतन या अन्य कोई प्रमाण) देना होगा। अभी तक संबंधित कंपनी या फर्म की ओर से ही कर्मचारी या श्रमिक का विभाग में पंजीकरण कराया जाता है। इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी देखने को मिलती रही है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार यह व्यवस्था करने जा रही है।
पीएफ की बदलेगी परिभाषा
मौजूदा समय में 20 या 20 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों, फर्म आदि पर पीएफ के प्रावधान लागू होते हैं। अब इसे 10 या 10 से अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों पर लागू करने की तैयारी है।