भारत में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को आज 50 साल पूरे हो रहे हैं। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार की तरफ से लगाई गई इमरजेंसी एक काला अध्याय है। दरअसल, इसी दिन करोड़ों भारतीयों के मौलिक अधिकारों को कुचलने की कोशिश की गई थी।
केंद्र सरकार ने बीते साल 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में घोषित किया था। अपने इस फैसले को केंद्र ने आपातकाल के खिलाफ लोकतंत्र बहाली की जंग लड़ने के दौरान अमानवीय यातना झेलने वाले लाखों लोगों का सम्मान करार दिया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा था कि 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाना इस बात की याद दिलाएगा कि उस दिन क्या हुआ था और संविधान को कैसे कुचला गया था।
अमर उजाला के पन्नों में भी आपातकाल की हर खबर दर्ज है। 25 जून को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने से लेकर 1977 में हटने तक हर खबर अमर उजाला के अंकों में नजर आती है। आइये जानते हैं कि 1975 में देश में कैसे लगाया गया था आपातकाल? इसके क्या कारण थे? आपातकाल के दौरान क्या-क्या हुआ? बाद में इसे कैसे हटाया गया?