एक बार फिर फ्रेंच एथिकल हैकर इलियट एल्डरसन अपने मंसूबे में कामयाब हो गया। दो अगस्त को उसने ट्वीट करके स्मार्टफोन में आधार हेल्पलाइन नंबर होने की बात की। साथ ही उसने एक सवाल छोड़ा कि आखिर आपके फोन में यह नंबर कैसे आया। बस फिर क्या था, यह मामला वायरल हो गया और पूरे देश में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
देश का मीडिया इस मुद्दे को निजता से जोड़ते हुए राष्ट्रीय आपदा मान बैठा और बगैर किसी ठोस पड़ताल के इस पर खबरें आने लगीं। लेकिन क्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को यह शोभा देता है कि वो इतनी सतही बात पर बेचैन हो जाए। वो भी एक टेलीफोन नंबर की वजह से, बिना उसकी पूरी पृष्ठभूमि जाने हुए। जरा सोचिए कि यदि लोगों को 18003001947 नंबर से फोन आ जाते तो क्या होता।
वैसे इलियट हमेशा से आधार की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करता रहा है। वो ऐसा क्यों करता है और आधार में उसकी इतनी दिलचस्पी क्यों है इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। आइए जानते हैं आखिर कौन है इलियट एल्डरसन...
फ्रांस के सिक्योरिटी एक्सपर्ट और ऐप डेवलपर
इलियट का असली नाम रॉबर्ट बैपटिस्ट है। उसकी ट्विटर प्रोफाइल के मुताबिक वे एक सिक्योरिटी एक्सपर्ट है जो नेटवर्क और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर है। ऐसे खुलासे करने को लेकर उनका कहना है कि वे ऐसा इसलिए करता है जिससे सुरक्षा से जुड़ी खामियों को जल्द से जल्द सही किया जा सके।
पहले आधार ऐप को किया था हैक
इलियट ने मार्च 2018 में आधार के मोबाइल ऐप को मिनट भर में हैक कर दावा किया था कि उनके पास 22 हजार से ज्यादा आधार कार्ड की जानकारी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नमो एप' और कांग्रेस के 'आईएनसी एप' के डेटा सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए थे।