भाजपा सांसद और युवा मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को यू-टर्न भाभी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को यू-टर्न दीदी का नाम दिया है। ये नाम देने के पीछे पूनम का तर्क है कि इन दोनों ने एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन) के मुद्दे पर यू-टर्न ले लिया है। पहले इन दोनों ने ही एनआरसी का समर्थन किया था, लेकिन अब वोटों की खातिर देश की सुरक्षा से जुड़े अहम मसले से हाथ पीछे खींच लिया है।
शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पूनम महाजन ने कहा, हमने सदन की 2005 की वे सभी फुटेज निकलवाई हैं, जिनमें ममता बनर्जी चिल्ला-चिल्ला कर असम के घुसपैठियों को बाहर निकालने जैसे बयान दे रही हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर अब यू-टर्न ले लिया है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने एनआरसी का पुरजोर समर्थन किया था। राजीव गांधी ने तो अपने कार्यकाल में असम अकाउंट्स के तहत एनआरसी की घोषणा की थी।
एनआरसी के मुद्दे पर ममता बनर्जी द्वारा दिया गया बयान कि इससे गृह युद्ध छिड़ सकता है, पर महाजन ने कहा, इससे शर्मनाक कोई दूसरा बयान नहीं हो सकता। महाजन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कितने ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पंचायत का चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन वे जीत गए। चुनाव के दौरान और उसके बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया।
पूनम के मुताबिक, इस चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं को बुरी तरह मारा पीटा गया। सुप्रीम कोर्ट को पहली बार किसी राज्य में हुए चुनावों पर टिप्पणी करनी पडी। कोर्ट ने भी माना है कि चुनाव मैदान में उतरे बिना ही इतनी बड़ी संख्या में व्यक्ति जीत रहे हैं।