उत्तराखंड : आप ने दिलचस्प की सियासी जंग
हर चुनाव में अलग-अलग जनादेश देवभूमि का राजनीतिक चरित्र रहा है। यूं तो सूबे में हमेशा से भाजपा और कांग्रेस के बीच लड़ाई रही है, मगर इस बार आम आदमी पार्टी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। इस बार के नतीजे तय करेंगे कि यह सूबा हर चुनाव में अपनी पसंद बदलने के चरित्र पर कायम रहता है या फिर पुरानी सरकार में ही आस्था व्यक्त करता है?
पंजाब : कांग्रेस में चरम पर अंतर्कलह
किसान आंदोलन ने राज्य के सियासी समीकरण उलट पुलट दिए हैं। भाजपा पहली बार अकाली दल के बगैर चुनाव मैदान में है। वहीं, कांग्रेस में अंतर्कलह चरम पर है। सिद्धू बनाम नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बीच जंग जारी है, तो मनीष तिवारी, सुनील जाखड़ अलग राग अलाप रहे हैं। अकाली ने बसपा से समझौता किया है तो आम आदमी पार्टी एक बार फिर से पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में डटी है।
गोवा : दलों की भीड़ में मतदाता की परीक्षा
दलों की भीड़ के कारण मतदाता उहापोह में हैं। भाजपा तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में है, वहीं सबसे बड़ी पार्टी बनकर भी सरकार बनाने में नाकाम कांग्रेस इस बार इस कमी को दूर करने की कोशिश में है। आप भी मैदान में है।
मणिपुर : अफ्स्पा से कैसे पार पाएगी भाजपा
पिछली बार बहुमत से महज तीन सीट दूर कांग्रेस भाजपा के दांव के आगे चित हो गई थी। भाजपा इस बार अपनी स्थिति बेहतर करना चाहती है। हालांकि इसकी राह में बाधा अफस्पा है। देखना होगा कि भाजपा इससे कैसे पार पाती है।
नतीजों का राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर
- भाजपा के बेहतर प्रदर्शन से ब्रांड मोदी होगा मजबूत। कृषि कानून, राम मंदिर, कोरोना का लिटमस टेस्ट।
- तय होगी राज्यसभा की भावी तस्वीर। इसी साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर पड़ेगा असर।
- आप, टीएमसी की मजबूती से बढ़ेंगी कांग्रेस की मुश्किलें। क्षेत्रीय दलों सपा, बसपा, अकाली दल का तय होगा भविष्य।