सुबह सात बजे से ही कांग्रेस मुख्यालय में भीड़ बढ़ने लगी थी। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों समेत आसपास के राज्यों के लोग जश्न मनाने के लिए पहुंचने लगे थे। लेकिन जैसे-जैसे रुझानों में अंतर बढ़ता गया, कांग्रेस पार्टी मुख्यालय पर भीड़ भी कम होती गईं। दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ दिल्ली के कुछ इलाकों के लोग ही यहां पर बचे थे। अमर उजाला डॉट कॉम से यहां मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बातचीत की।
दिल्ली की शकूरपुर बस्ती से कई बसों में भरकर लोग पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। इस बस में शामिल शकूरपुर बस्ती के कांग्रेस कार्यकर्ता इंदर कौशिक कहते हैं कि उनके इलाके के करीब चार पांच सौ लोग सुबह-सुबह बसों में पार्टी मुख्यालय पहुंचे हैं। वह कहते हैं कि कुछ लोग तो वापस चले गए, लेकिन अभी भी बहुत सारे लोग यहां पर अपने जीते हुए राज्यों का जश्न मनाने का इंतजार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान में आ रहे रुझानों और परिणाम के आधार पर पार्टी कार्यकर्ता मायूस जरूर हैं, लेकिन वह तेलंगाना के प्रदर्शन पर खुश भी बहुत हैं। पार्टी कार्यालय में मौजूद तबस्सुम बेगम कहती हैं कि अभी दोपहर होने दीजिए, कांग्रेस चारों राज्यों में सरकार बनाने वाली है। वह हरियाणा के मेवात से पार्टी मुख्यालय पहुंची थी।
इसी तरह पार्टी कार्यालय पर मौजूद दिल्ली की नेहा कहती हैं कि वह सुबह साढ़े छह बजे ही यहां आ गई थीं। पार्टी की ब्लॉक कार्यकर्ता होने के नाते वह अपने साथ और भी कई स्थानीय समर्थकों को लेकर पहुंची थीं। उनके साथ मौजूद स्थानीय समर्थक कविता कहती हैं कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में अभी तक तो यही लग रहा है कि कांग्रेस सरकार नहीं बना रही है, लेकिन जिन दो राज्यों में कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है, उससे हमारे कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं होने वाला है। पार्टी मुख्यालय पर मौजूद दिल्ली और आसपास के राज्यों से आए स्थानीय लोग भी रुझानों और परिणाम पर मिली जुली प्रक्रिया देते हैं।
सुबह सात बजे से ही कांग्रेस मुख्यालय में भीड़ बढ़ने लगी थी। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों समेत आसपास के राज्यों के लोग जश्न मनाने के लिए पहुंचने लगे थे। लेकिन जैसे-जैसे रुझानों में अंतर बढ़ता गया, कांग्रेस पार्टी मुख्यालय पर भीड़ भी कम होती गईं। दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ दिल्ली के कुछ इलाकों के लोग ही यहां पर बचे थे। अमर उजाला डॉट कॉम से यहां मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बातचीत की।
दिल्ली की शकूरपुर बस्ती से कई बसों में भरकर लोग पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। इस बस में शामिल शकूरपुर बस्ती के कांग्रेस कार्यकर्ता इंदर कौशिक कहते हैं कि उनके इलाके के करीब चार पांच सौ लोग सुबह-सुबह बसों में पार्टी मुख्यालय पहुंचे हैं। वह कहते हैं कि कुछ लोग तो वापस चले गए, लेकिन अभी भी बहुत सारे लोग यहां पर अपने जीते हुए राज्यों का जश्न मनाने का इंतजार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान में आ रहे रुझानों और परिणाम के आधार पर पार्टी कार्यकर्ता मायूस जरूर हैं, लेकिन वह तेलंगाना के प्रदर्शन पर खुश भी बहुत हैं। पार्टी कार्यालय में मौजूद तबस्सुम बेगम कहती हैं कि अभी दोपहर होने दीजिए, कांग्रेस चारों राज्यों में सरकार बनाने वाली है। वह हरियाणा के मेवात से पार्टी मुख्यालय पहुंची थी।
इसी तरह पार्टी कार्यालय पर मौजूद दिल्ली की नेहा कहती हैं कि वह सुबह साढ़े छह बजे ही यहां आ गई थीं। पार्टी की ब्लॉक कार्यकर्ता होने के नाते वह अपने साथ और भी कई स्थानीय समर्थकों को लेकर पहुंची थीं। उनके साथ मौजूद स्थानीय समर्थक कविता कहती हैं कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में अभी तक तो यही लग रहा है कि कांग्रेस सरकार नहीं बना रही है, लेकिन जिन दो राज्यों में कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है, उससे हमारे कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं होने वाला है। पार्टी मुख्यालय पर मौजूद दिल्ली और आसपास के राज्यों से आए स्थानीय लोग भी रुझानों और परिणाम पर मिली जुली प्रक्रिया देते हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ता हरिन कौशिक ने तो ईवीएम पर ही आरोप लगा दिए। कौशिक कहते हैं कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दो बड़े राज्य हैं यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने ईवीएम में छेड़खानी की है। पूछे जाने पर की तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस को बढ़त दिख रही है, इस पर उनका जवाब था कि इन दो राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ता मजबूती से ईवीएम की सुरक्षा कर रहे थे। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में पल-पल बदलते और मिलते अपडेट के साथ कार्यकर्ताओं का रुझान भी पता चला रहा। पौने बारह बजे जब इस बात की चर्चा होने लगी कि छत्तीसगढ़ में भी भारतीय जनता पार्टी बढ़त बना रही है, तो ज्यादातर पार्टी के कार्यकर्ता मुख्यालय से बाहर जाने लगे।
दिल्ली मुख्यालय में बसों में भर कर आए हुए लोग दोपहर पौने बारह बजे तक स्पष्ट होती तस्वीरों के साथ-साथ वापस जाने लगे। हरियाणा के मेवात से राहुल-प्रियंका गांधी सेवा नाम से बने संगठन के लोग भी मौजूद थे। जब यह 11:45 बजे अपने-अपने साधनों से वापस जा रहे थे, तो उनका यही कहना था कि हम दक्षिण भारत में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मेवात के रहने वाले राजेंद्र त्यागी कहते हैं कि अगर रुझानों के अनुरूपी हमारे परिणाम आते हैं, तो निश्चित तौर पर हमें एक बार फिर से आप मंथन करने की जरूरत तो पड़ेगी ही।