प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने आईएनएस विराट पर छुटि्टयां मनाई थीं। उसे टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया था। इसके जवाब में गुरुवार को पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (रि.) एल रामदास ने बयान जारी किया। रामदास घटनाक्रम के दौरान दक्षिणी कमान के चीफ थे। उन्होंने कहा कि 'जिस वाकये को राजीव का सपरिवार छुट्टी मनाना बताया जा रहा है, वह दरअसल उनका सरकारी दौरा था। वे लोग वहां लड्डू-पेड़े बांटने नहीं गए थे। राजीव के साथ आईएनएस विराट पर कोई विदेशी नहीं था।'
इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने भी मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि- मैंने अपनी जिंदगी में इनसे बड़ा कायर और कमजोर प्रधानमंत्री नहीं देखा।' वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि 'आप दिल खोलकर राजीव गांधी की बात कीजिए, लेकिन जनता को यह भी समझा दें कि रफाल के मामले में आपने क्या किया और क्या नहीं किया।' दूसरी ओर, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी के आरोप का समर्थन किया है। रक्षा मंत्री गुरुवार को भोपाल में थीं।
वहीं पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (रि.) एल रामदास ने कहा कि प्रधानमंत्री और मिसेज गांधी त्रिवेंद्रम से लक्षद्वीप जा रहे आईएनएस विराट पर सवार हुए थे। वह सरकारी ड्यूटी पर आइलैंड्स विकास अथॉरिटी की बैठक में शामिल होने लक्षद्वीप जा रहे थे। कोई विदेशी उनके साथ नहीं था। दक्षिणी कमान का फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ होने के नाते मैं विराट पर था। फ्लीट एक्सरसाइज के लिए आईएनएस विराट के साथ 4 और जहाज थे। मैंने विराट पर प्रधानमंत्री के लिए डिनर रखा। वहां कोई पार्टी नहीं हुई।
अधिकारियों और लोगों से मिलने के लिए प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से शॉर्ट ट्रिप्स पर आइलैंड्स पर गए थे। उन्हें सर्विस एयरक्राफ्ट में पत्नी के साथ यात्रा करने का अधिकार है। हेलीकॉप्टर से सिर्फ राजीव और सोनिया गए थे। राहुल कभी उनके साथ नहीं गए। आखिरी दिन बंगाराम में अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए नौसेना के कुछ गोताखोर भेजे थे। कोई भी जहाज गांधी परिवार के निजी इस्तेमाल के लिए डाइवर्ट नहीं किया गया। सिर्फ एक छोटा हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल जरूरतों के लिए कावारत्ती गया था।
घटनाक्रम दिसंबर 1987 का है। वेस्टर्न फ्लीट ने काफी पहले ही एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ अरब सागर में अभ्यास की योजना बना रखी थी। यह अधिकारियों के लिए प्रधानमंत्री से संवाद करने का मौका भी था। रामदास ने यह बयान आईएनएस विराट के तत्कालीन कमांडिंग अफसर वाइस एडमिरल विनोद पसरीचा, आईएनएस विंध्यागिरी के कमांडर एडमिरल अरुण प्रकाश और आईएनएस गंगा के कमांडर वाइस एडमिरल मदनजीत सिंह से मिली प्रतिक्रियाएं शामिल करके दिया है।
लेकिन पूर्व कमांडर का दावा- मोदी के आरोप एकदम सही
राजीव गांधी और सोनिया गांधी ने बंगाराम आइलैंड पर छुट्टियां मनाने के लिए आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था। खासतौर पर उनके लिए ही भारतीय नौसेना के संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। मैं खुद इसका गवाह हूं। मैं भी उस वक्त आईएनएस विराट पर ही तैनात था। - वीके जेटली, रिटायर्ड नौसेना कमांडर
जबकि विराट के कैप्टन बोले- ट्रिप पूरी तरह आधिकारिक थी
राजीव और उनकी पत्नी की ट्रिप पूरी तरह से आधिकारिक थी। सारे प्रोटोकॉल फॉलो किए गए। कोई छुट्टी पर नहीं आया था। इससे पहले भी कई प्रधानमंत्री विराट पर आ चुके हैं। राहुल गांधी उनके साथ थे लेकिन कोई विदेशी नहीं था। - विनोद पसरीचा, आईएनएस विराट के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर
ये भी पढ़ें: INS विराट पर कब, कहां और किन-किन लोगों के साथ छुट्टियां मनाने गए थे राजीव गांधी, जानिए पूरा मामला