सपा में नाम और निशान पर मुलायम और अखिलेश धड़े में जारी जंग पर जल्द ही पूर्ण विराम लग सकता है। दरअसल चुनाव आयोग में दोनों धड़ों के दावों पर आज सुनवाई होने वाली है, जिसके बाद आयोग एक-दो दिन में अंतिम निर्णय सुना देगा।
चुनाव आयोग में समाजवादी पार्टी के नाम और चिह्न में थोड़ी ही देर में सुनावाई शुरू होने वाली है। सुनवाई के लिए मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच चुकें है। अखिलेश यादव गुट की तरफ से रामगोपाल यादव, किरनमय नंद और नरेश अग्रवाल आयोग पहुंचे हैं।
इस बीच वरिष्ठ सपाई नेता, राजेंद्र चौधरी ने अखिलेश यादव सृके समर्थन में बयान देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अखिलेश जी को दोबारा मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती है।
चुनाव आयोग सुनवाई के दौरान कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेगा। इसके बावजूद भी अगर स्थिति नहीं सुलझी तो आयोग समाजवादी पार्टी के नाम और निशान को जब्त कर दोनों दलों को नए नाम और निशान का विकल्प देगा।
वैसे दोनों धड़ों ने सभी विकल्पों को ध्यान में रख कर तैयारी कर ली है। मुलायम धड़े ने जहां राष्ट्रीय लोकदल और इसके चुनाव निशान (हल जोतता किसान) का विकल्प आजमाने की तैयारी की है। वहीं, अखिलेश धड़ा सबसे पहले मोटरसाइकिल पर और इसे साइकिल से मिलता जुलता होने के कारण आयोग द्वारा ठुकराए जाने की स्थिति में बरगद के निशान पर चुनाव मैदान में उतरने को तैयार है।