आयोग ने विदेशी मतदाताओं को ईटीपीबीएस के उपयोग का अधिकार देने के लिए सरकार से चुनाव आचार संहिता, 1961 में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया है। इससे पहले नौकरीपेशा मतदाताओं को ईटीपीबीएस से मतदान का अधिकार देने के लिए अक्तूबर, 2016 में संशोधन हो चुका है। हालांकि सरकार ने अभी तक इस आग्रह पर निर्णय नहीं लिया है।
सूत्रों का कहना है कि सरकार निर्णय लेने से पहले सभी हितधारकों से सलाह कर लेना चाहती है। सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत में निर्वाचन नामावली में दर्ज, लेकिन विदेश में रहने वाले मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से मतदान का अधिकार देने का प्रस्ताव अभी नौकरशाही के स्तर पर ही लंबित है और राजनीतिक पदाधिकारियों के बीच इस पर चर्चा अभी बाकी है।
पिछली लोकसभा में भी आया था विधेयक
विदेशी भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग का अधिकार देने से जुड़ा एक विधेयक पिछले लोकसभा में भी पेश हुआ था, लेकिन 2019 में 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही यह विधेयक बिना किसी फैसले के खत्म हो गया था। इस विधेयक में प्रस्ताव रखा गया था कि निर्वाचक नामावली में दर्ज, लेकिन विदेश में रह रहा भारतीय नागरिक अपने स्थान पर किसी अन्य को मतदान के लिए नामित कर सकता है।
ऐसा होगा विदेशी भारतीयों के लिए ईटीपीबीएस
नौकरीपेशाओं के लिए लागू मौजूदा ईटीपीबीएस के तहत पोस्टल बैलेट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मतदाताओं को भेजे जाते हैं, जो उन्हें डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार के चिह्न पर निशान लगाकर एक लिफाफे में रखकर अपने निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को वापस भेजते हैं। यह पोस्टल बैलेट मतगणना वाले दिन सुबह आठ बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर को मिलना आवश्यक है। लेकिन विदेशी मतदाताओं के मामले में ईटीपीबीएस का रूप ऐसा नहीं होगा। विदेशी मतदाताओं को अपने क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को अपने मतदान करने की जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही रिटर्निंग ऑफिसर उन्हें चुनाव आयोग की तरफ से तय तरीके से बैलेट पेपर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजेगा।