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चुनिंदा भारतीय दूतावासों में इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट ट्रेनिंग देगा निर्वाचन आयोग

Wed, 06 Jan 2021 04:43 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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सुनील अरोड़ा, मुख्य चुनाव आयुक्त (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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केंद्रीय विदेश मंत्रालय के सुझाव पर भारतीय निर्वाचन आयोग चुनिंदा देशों में मौजूद भारतीय मिशनों में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट सुविधा पर एक वर्कशॉप आयोजित कर सकता है। यह वर्कशॉप विदेश में मौजूद भारतीय मतदाताओं को मताधिकार के प्रयोग की सुविधा देने की तैयारियों के तहत आयोजित की जाएगी।

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निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित वर्कशॉप अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूएई में मौजूद भारतीय दूतावासों में आयोजित की जाएगी। वेबिनार की तरह आयोजित वर्कशॉप के तौर-तरीकों पर फिलहाल मंथन किया जा रहा है। आयोग इस प्रक्रिया को लागू करने में शामिल होने वाले विभिन्न मंत्रालयों और एनआरआई संगठनों से भी बात करेगा।


पिछले साल 27 नवंबर को निर्वाचन आयोग ने सरकार को इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमीटिड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) सुविधा लागू करने का सुझाव दिया था। अब तक नौकरीपेशा मतदाताओं के लिए उपलब्ध यह सुविधा, योग्य विदेशी भारतीय मतदाताओं को भी दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। कानून मंत्रालय के विधान सचिव को लिखे पत्र में आयोग ने कहा था कि नौकरीपेशा मतदाताओं के लिए ईटीपीबीएस के सफल संचालन के बाद अब वह यह सुविधा विदेशी मतदाताओं के लिए भी लागू करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।
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चुनावी पैनल ने कहा था कि आयोग असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान यह सुविधा देने के लिए तकनीकी और प्रशासकीय तैयारी कर चुका है। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62 का हवाला देते हुए कहा था कि हर नागरिक को मतदान का अधिकार है। आयोग के मुताबिक, अनधिकृत आंकड़ों के हिसाब से 10 से 12 हजार विदेशी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते हैं। इन प्रदेशों में आगामी अप्रैल-मई में चुनाव प्रस्तावित हैं।

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करना होगा कानून में संशोधन

आयोग ने विदेशी मतदाताओं को ईटीपीबीएस के उपयोग का अधिकार देने के लिए सरकार से चुनाव आचार संहिता, 1961 में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया है। इससे पहले नौकरीपेशा मतदाताओं को ईटीपीबीएस से मतदान का अधिकार देने के लिए अक्तूबर, 2016 में संशोधन हो चुका है। हालांकि सरकार ने अभी तक इस आग्रह पर निर्णय नहीं लिया है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार निर्णय लेने से पहले सभी हितधारकों से सलाह कर लेना चाहती है। सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत में निर्वाचन नामावली में दर्ज, लेकिन विदेश में रहने वाले मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से मतदान का अधिकार देने का प्रस्ताव अभी नौकरशाही के स्तर पर ही लंबित है और राजनीतिक पदाधिकारियों के बीच इस पर चर्चा अभी बाकी है।

पिछली लोकसभा में भी आया था विधेयक
विदेशी भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग का अधिकार देने से जुड़ा एक विधेयक पिछले लोकसभा में भी पेश हुआ था, लेकिन 2019 में 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही यह विधेयक बिना किसी फैसले के खत्म हो गया था। इस विधेयक में प्रस्ताव रखा गया था कि निर्वाचक नामावली में दर्ज, लेकिन विदेश में रह रहा भारतीय नागरिक अपने स्थान पर किसी अन्य को मतदान के लिए नामित कर सकता है।

ऐसा होगा विदेशी भारतीयों के लिए ईटीपीबीएस
नौकरीपेशाओं के लिए लागू मौजूदा ईटीपीबीएस के तहत पोस्टल बैलेट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मतदाताओं को भेजे जाते हैं, जो उन्हें डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार के चिह्न पर निशान लगाकर एक लिफाफे में रखकर अपने निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को वापस भेजते हैं। यह पोस्टल बैलेट मतगणना वाले दिन सुबह आठ बजे तक रिटर्निंग ऑफिसर को मिलना आवश्यक है। लेकिन विदेशी मतदाताओं के मामले में ईटीपीबीएस का रूप ऐसा नहीं होगा। विदेशी मतदाताओं को अपने क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को अपने मतदान करने की जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही रिटर्निंग ऑफिसर उन्हें चुनाव आयोग की तरफ से तय तरीके से बैलेट पेपर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजेगा।
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