चुनाव अधिकारी के मुताबिक, भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए 23 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकती है। इसके लिए पीठ राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में उन क्षेत्रों के अधिकारी शामिल होंगे, जहां पहले चरण का मतदान होना है। बता दें कि पहले चरण में 191 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरेंगे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की करीब 725 कंपनियां तैनात की जाएंगी। यह जानकारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि 725 कंपनियों में से 495 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी कंपनियां भी जल्द पहुंच जाएंगी। उन्होंने बताया कि सीएपीएफ की एक कंपनी में करीब 72 जवान होते हैं। बता दें कि चुनावों के दौरान तैनात करने के लिए सीआरपीएफ नोडल बल है।
चुनावी राज्य में खतरों के आकलन के बारे में पूछे जाने पर कुलदीप सिंह ने कहा कि इलाकों में राज्य प्राधिकारी खतरों का आकलन कर रहे हैं। वे उसी आधार पर सुरक्षा बल की तैनाती का फैसला करेंगे। पश्चिम बंगाल कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी ने कहा कि हमने ऐसा कोई आकलन नहीं किया है कि किस चरण का चुनाव अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। कुलदीप सिंह को हाल ही में सवा तीन लाख से अधिक कर्मचारियों वाले बल सीआरपीएफ का प्रमुख नियुक्त किया गया। वह इस शीर्ष पद पर नियुक्त होने से पहले बल में विशेष महानिदेशक के तौर पर सेवा दे रहे थे।