चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा और मुख्य चुनाव आयुक्त सुनिल अरोड़ा
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चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने शनिवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में सुरक्षित मतदान के लिए आयोग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। कोरोना की असाधारण स्थिति में चुनाव आयोग के सामने बुजुर्गों, दिव्यांगों के अलावा कोरोना पीड़ितों या क्वारंटीन में रह रहे लोगों के लिए व्यवस्था करनी थी। इन चुनौतियों से निपटने के लिए मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया। इसके अलावा मतदान केंद्रों की संख्या में 63 फीसदी इजाफा किया गया।
चंद्रा ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान अधिकारी पीपीई किट और अन्य उपायों से लैस होकर ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। चुनाव में बड़ी संख्या में कोरोना से पीड़ित लोगों ने तीनों चरणों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आयोग ने इनके लिए आखिर के घंटे में वोट डालने के लिए अलग से इंतजाम किए थे। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि एक भी कोरोना संक्रमित वोटिंग के अधिकार से वंचित न रहे। चंद्रा ने कहा कि पहले दो चरणों के मतदान ने सभी भय और शंकाओं को दूर कर दिया है, बिहार के मतदाताओं ने चुनाव के साथ जुड़कर वायरस के डर को हरा दिया। यही वजह है कि तीनों चरणों में मतदाताओं ने बड़ी संख्या में बाहर निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।