चुनावों के बाद ईवीएम पर लगातार उठते सवालों पर चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ओमप्रकाश रावत ने शनिवार को कहा कि 'ईवीएम को बलि का बकरा बनाया जा रहा है क्योंकि वह बोल नहीं सकती।' रावत ने बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने की संभावना को भी खारिज कर दिया और कहा 'जब राजनीतिक दल हार को हजम नहीं कर पाते तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ देते हैं।'
रावत ने ईवीएम में आने वाली गड़बड़ियों के मुद्दे पर कहा कि जब भी ऐसा होता है तो हम अपनी बात रखते हैं। जुलाई 2017 में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि भविष्य में सारे चुनाव ईवीएम से होंगे और वीवीपैट की सुविधा होगी। इससे वोटर को यह जानकारी मिल सकेगी कि जिसे वोट दिया गया है, उसे मिला है या नहीं। वीवीपैट की सुविधा से चुनाव में पारदर्शिता आयेगी।
रावत ने कहा कि चुनाव आयोग कानूनी बाध्यता से परे नहीं जा सकता। आयोग सदन का कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले अधिसूचना जारी कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने 2015 में राज्य और केंद्र के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव दिया था लेकिन इसके लिए संविधान में संसोधन और बदलाव की जरूरत है। रावत ने मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआइ) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं।