मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यह हमारा कर्तव्य है। ऐसे में नए नियम बनाए गए हैं। इसके तहत पोलिंग बूथ पर मतदाताओं के प्रवेश, मास्क और सैनिटाइजर आदि का ध्यान रखा जाएगा। मतदान के वक्त सभी मतदाताओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। अगर कोई वोटर बिना मास्क लगाए पोलिंग बूथ पर आएगा तो उसे मास्क मुहैया कराया जाएगा। साथ ही, सैनिटाइजर भी दिया जाएगा।
आयोग के मुताबिक, इस बार चुनावों को लेकर तीन लक्ष्य तय किए गए हैं। पहला कोविड मुक्त चुनाव है। दूसरा मकसद मतदाताओं की सुरक्षा और सहूलियत है। वहीं, तीसरा लक्ष्य मतदान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। पांचों राज्यों में कुल 18.34 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा, जिनमें 8.55 करोड़ महिलाएं हैं। वहीं, पांचों राज्यों में 24.9 लाख मतदाताओं को पहली बार वोट डालने का अवसर मिलेगा, जिनमें 11.4 लाख महिलाएं हैं।
चुनाव आयोग ने पांचों राज्यों में मतदान के लिए कुल दो लाख 15 हजार 368 मतदान केंद्र बनाने की जानकारी दी है। हर पोलिंग बूथ पर ज्यादा से ज्यादा 1250 मतदाताओं को ही वोट डालने दिया जाएगा हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक ऐसा मतदान केंद्र होगा, जिसका संचालन महिला कर्मचारी ही करेंगी। पांचों राज्यों में ऐसे कुल 1620 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत सभी राजनीतिक दलों के किसी भी रोड शो, रैली, जुलूस, साइकिल रैली, बाइक रैली और पदयात्रा आदि पर पूरी तरह रोक लगा दी है। साथ ही, रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक कैंपेन कर्फ्यू लगाने का एलान किया। हालांकि, यह प्रतिबंध अभी 15 जनवरी तक लागू रहेगा। 15 जनवरी के बाद इस पर दोबारा फैसला लिया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, पांचों राज्यों में कुल 15 करोड़ लोगों को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है। गोवा में 100 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 95.8 फीसदी आबादी दूसरी डोज लगवा चुकी है। उत्तराखंड में 99.67 फीसदी आबादी को कोरोना की पहली खुराक लग गई है, जबकि 82.39 फीसदी पूर्ण रूप से टीकाकरण करा चुकी है। उधर, उत्तर प्रदेश में 89.35 फीसदी आबादी को पहली और 52 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। पंजाब में 81.9 फीसदी आबादी वैक्सीन की पहली और 45.6 फीसदी जनता दूसरी खुराक लगवा चुकी है। इसके अलावा मणिपुर में 59.6 फीसदी लोगों को फर्स्ट और 44.8 फीसदी लोगों को सेकंड डोज लग चुकी है।