दो चरणों में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 होने जा रहे हैं। 6 नवंबर और 11 नवंबर को वोटिंग होगी, जिसका नतीजे 14 नवंबर को जारी होंगे। ऐसे में उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार में जुट गए हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने शुक्रवार (17 अक्तूबर) को अहम बैठक करते हुए चुनावों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा की।
प्रलोभन देने वालों पर कड़ी निगरानी
इसी के साथ चुनाव के दौरान कैश, शराब, ड्रग्स और दूसरे लालच के प्रयासों से निपटने के लिए भी रणनीति बनाई गई। इस बैठक में बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मतदाताओं को लुभाने के लिए नशीले पदार्थों, शराब और नकदी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
आयोग ने जांच एजेंसियों और सुरक्षा बलों से सक्रिय और निवारक कार्रवाई करने की बात कही। चुनाव आयोग ने कहा कि ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी तरह के प्रलोभन को रोका जा सके।
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एजेसियों को चुनाव आयोग ने किया सतर्क
चुनाव आयोग ने बताया कि यह बैठक चुनावों में नकदी और अन्य प्रलोभनों के हानिकारक प्रभावों से निपटने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के लिए आयोजित की गई थी। विभिन्न एजेंसियों ने आयोग को अपनी तैयारियों, उठाए गए कदमों और प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित कदमों के बारे में जानकारी दी।
वहीं चुनावों को खराब करने के लिए धन और अन्य प्रलोभनों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने से संबंधित विस्तृत विषयों पर ब्रीफिंग की गई। आयोग ने निर्देश दिया कि प्रभावी कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग और आर्थिक अपराधों की खुफिया जानकारी साझा की जानी चाहिए। जिसमें राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न स्तरों पर प्रत्येक प्रवर्तन एजेंसी में अंतर-एजेंसी में तालमेल पर जोर दिया गया।
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'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने पर जोर
आयोग ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे तस्करी के सामान, ड्रग्स, शराब और नकदी (नकली मुद्रा सहित) के परिवहन, अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की जांच के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का मैपिंग करें। एजेंसियों को बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति सुनिश्चित करने को कहा गया है।