परिसीमन के बाद बढ़ीं एससी-एसटी सीटें
परिसीमन के बाद अनुसूचित जनजाति की सीटें 16 से बढ़कर 19 हो गईं और अनुसूचित जाति की सीटें 8 से बढ़कर 9 हो गईं। बारपेटा और गोलपाड़ा (पश्चिम) जैसे क्षेत्र, जहां पहले मुस्लिम आबादी ज्यादा थी, उन्हें आरक्षित कर दिया गया और इन सीटों को इस बार एनडीए ने जीत हासिल कर ली। बोडोलैंड क्षेत्र में भी आदिवासी सीटें बढ़ीं और वहां एनडीए के सहयोगी दलों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पहले ही कहा था कि 2026 के चुनाव में परिसीमन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा मिलेगा।
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- फोटो : पीटीआई
कल्याणकारी योजनाओं को चुनाव पर कितना असर?
डेका के अनुसार, सरकार की उन योजनाओं का भी बड़ा असर पड़ा, जिनमें लोगों के खातों में सीधे पैसा भेजा गया। इससे मतदाता भाजपा के पक्ष में गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय कई वादे किए हैं। लेकिन अगले पांच साल तक उन्हें पूरा करना चुनौती होगा, खासकर तब जब राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है। अगर सरकार वादे पूरे नहीं कर पाई तो लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है और उसकी लोकप्रियता कम हो सकती है। वहीं, आम लोगों का मानना है कि भाजपा के सत्ता में लौटने से योजनाएं और लाभ जारी रहेंगे।
काम शुरू करने के लिए महिलाओं को मिले पैसे
गृहिणी कल्पना कुमार ने कहा कि शिक्षा सस्ती हुई है और महिलाओं को अपना काम शुरू करने के लिए पैसे मिल रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि ये योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी, इसलिए उन्होंने भाजपा को वोट दिया। गुवाहाटी में ऐप आधारित टैक्सी चलाने वाले दीपक दहल ने कहा कि सरकार ने जमीन से अतिक्रमण हटाया है, जिससे स्थानीय लोगों को भरोसा मिला है कि उनके अधिकार सुरक्षित रहेंगे और उनका भविष्य सुरक्षित है।