इसी तरह इंदौर और भोपाल से कौन उम्मीदवार होगा? इसे लेकर भी पार्टी के भीतर मंथन जारी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इंदौर लोकसभा सीट से जीतू पटवारी को उम्मीदवार बना सकती है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि जीतू पटवारी लोकसभा का चुनाव लड़ें। वहीं, दूसरी तरफ से जीतू पटवारी ने इंदौर लोकसभा सीट से युवा नेता अक्षय कांति बम के नाम को आगे बढ़ाया है। अब ये पार्टी हाईकमान को तय करना है कि जीतू पटवारी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे या फिर नहीं।
मुरैना सीट से कांग्रेस भाजपा के सवर्ण उम्मीदवार के मुकाबले सवर्ण उम्मीदवार को ही मौका दे सकती है। ग्वालियर में उम्मीदवार चयन को लेकर पेंच फंसा हुआ है। यहां से सवर्ण उम्मीदवार के अलावा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पिछड़े वर्ग के नेता के नाम पर मंथन चल रहा है। तीसरा पूर्व प्रधानमंत्री के भांजे को कांग्रेस में शामिल कर ग्वालियर से उतारने पर कांग्रेस नेतृत्व विचार कर रहा है। क्योंकि अनूप मिश्रा इस दिशा में कांग्रेस से बात करने की मंशा जाहिर कर चुके हैं।
रतलाम से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को मैदान में उतारने की संभावना थी, लेकिन उनकी सीट भी पार्टी ने अभी रोक रखी है। जबलपुर संसदीय सीट से लखन घनघोरिया का नाम सबसे आगे है। लखन घनघोरिया अभी जबलपुर पूर्व से विधायक हैं। वहीं, दमोह लोकसभा सीट से विधायक राम सिया भारती को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
10 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार
कांग्रेस ने छिंदवाड़ा सीट से मौजूदा सांसद नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाया है। टीकमगढ़ से पंकज अहिरवार, भिंड से फूल सिंह बरैया, सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा, सीधी से कमलेश्वर पटेल, मंडला से ओमकार सिंह मरकाम, देवास से राजेंद्र मालवीय, खरगोन से पोरलाल खरते और बैतूल से रामू टेकाम, धार राधेश्याम मुवेल को उम्मीदवार बनाया गया है। इंडिया गठबंधन के तहत खजुराहो सीट पर समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस ने मंडला से ओमकार सिंह मरकाम, भिंड से फूल सिंह बरैया और सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। तीनों मौजूदा विधायक हैं। बीते विधानसभा चुनाव में सतना सीट पर सिद्धार्थ ने भाजपा के गणेश सिंह को हराया था। अब लोकसभा चुनाव में भी इन दोनों के बीच ही मुकाबला होगा। कांग्रेस की मध्यप्रदेश के लिए पहली लिस्ट में किसी महिला उम्मीदवार का नाम नहीं है।