नगालैंड: 20 करोड़ के मादक पदार्थ और शराब जब्त
नगालैंड में 18 जनवरी को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों ने 20 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की नकदी, मादक पदार्थ और शराब जब्त की है।राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय द्वारा बुधवार को उपलब्ध कराई गई जब्ती रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और आयकर विभाग ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से 20.06 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, ड्रग्स और सुपारी जब्त की है।
इसने कहा, राज्य के विभिन्न हिस्सों से मंगलवार तक कुल 35.69 लाख रुपये नकद, 2.24 करोड़ रुपये मूल्य की 35,716 लीटर शराब, 16.27 करोड़ रुपये मूल्य की 2.57 किलोग्राम हेरोइन सहित मादक पदार्थ और 1.19 करोड़ रुपये मूल्य के 3,080 किलोग्राम सुपारी जब्त किए गए। सीईओ के एक सूत्र ने कहा कि राज्य भर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 2,034 लाइसेंसी आग्नेयास्त्र जमा किए गए हैं।
नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी शशांक शेखर ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव प्रक्रिया अब तक शांतिपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि बुधवार को नामांकन दाखिल करने के दूसरे दिन 60 सीटों में से किसी पर भी किसी भी उम्मीदवार ने दस्तावेज जमा नहीं किए हैं।
शेखर ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में 24 व्यय पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है और अन्य 16 सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक सात फरवरी को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से कम से कम एक दिन पहले राज्य पहुंचेंगे। नगालैंड में कुल 13,17,634 मतदाता और 2,315 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से 680 को संवेदनशील और 920 को गंभीर के रूप में चिह्नित किया गया है।
चुनाव के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 305 कंपनियों की कुल मांग में से 75 कंपनियों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में पहले ही तैनात किया जा चुका है। नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना दो मार्च को होगी।
भाजपा के कुशासन के चलते त्रिपुरा में कांग्रेस-माकपा साथ आई: माणिक सरकार
त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता माणिक सरकार ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के कुशासन ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और माकपा को एक साथ ला दिया है। दक्षिण त्रिपुरा जिले के जुलाईबाड़ी इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि माकपा ने राज्य में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों से हाथ मिलाने का आह्वान किया था।
उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए भाजपा डरी हुई है। वह यह आरोप लगाकर लोगों को गुमराह कर रही है कि माकपा और कांग्रेस कई वर्षों से आपस में लड़ रहे थे और एब वे चुनाव से पहले अचानक एक साथ आ गए हैं। गौरतलब है कि 60 सदस्यीय विधानसभा वाले राज्य में 16 फरवरी को मतदान होगा।