फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2023: भारत ने बजट से कैसे साधे अंतरराष्ट्रीय हित, दोस्तों के लिए बरसाया पैसा, पाकिस्तान को ढेला भी नहीं

Wed, 01 Feb 2023 09:56 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत की तरफ से 20 से ज्यादा देशों के लिए मदद का एलान किया गया है। इनमें पड़ोस में बांग्लादेश से लेकर अफ्रीका और यूरोप तक के लिए आर्थिक मदद शामिल है।
विज्ञापन
Union Budget 2023 - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मोदी सरकार 2.0 का आखिरी पूर्ण बजट पेश कर दिया। इसमें अलग-अलग मंत्रालयों-विभागों के साथ-साथ संस्थाओं के लिए भी आवंटन किया गया है। बजट की एक छिपी बात रही इसमें भारत के साथी देशों की मदद के लिए किया गया आर्थिक आवंटन। जहां भारत ने पड़ोसी भूटान से लेकर बांग्लादेश तक के लिए करोड़ों रुपये की मदद भेजना तय किया है, वहीं कुछ और पड़ोसियों को भी संकट से निकालने के लिए प्रावधान किया गया है। हालांकि, बाढ़ और खाद्य संकट के बाद आर्थिक संकट से जूझते पाकिस्तान के लिए भारत ने किसी भी मदद का प्रावधान नहीं किया है। 

विज्ञापन

Budget - फोटो : Amar Ujala
किन देशों को भारत ने दी प्राथमिकता?
भारत की तरफ से 20 से ज्यादा देशों के लिए मदद का एलान किया गया है। इनमें पड़ोस में बांग्लादेश से लेकर अफ्रीका और यूरोप तक के लिए आर्थिक मदद शामिल है। सबसे ज्यादा 2400 करोड़ रुपये की मदद भूटान के लिए है। वहीं, तालिबान के शासन वाले अफगानिस्तान से राजनयिक रिश्ते कायम रखते हुए भारत ने 200 करोड़ रुपये की मदद प्रस्तावित की है। इसके अलावा मालदीव के लिए भी भारत ने मदद बढ़ाई है और इसे 400 करोड़ कर दिया है।

Budget 2023-24 - फोटो : Amar Ujala
अफगानिस्तान के लिए मदद अभी भी जारी
वहीं, अफ्रीकी देशों, अफगानिस्तान और विकासशील देशों को दी जाने वाली मदद को वित्त वर्ष 2022-23 के बराबर पर ही रखा है। चौंकाने वाली बात यह है कि तालिबान शासन वाले अफगानिस्तान के लिए मदद अभी भी जारी रखी गई है, जबकि अफ्रीका में भारत लगातार निवेश के मौके बनाने की कोशिश में है।
विज्ञापन

Budget 2023 - फोटो : Amar Ujala
म्यांमार के लिए भी मदद का प्रावधान
बजट में तानाशाही शासन वाले म्यांमार के लिए भी मदद का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसे पिछली बार के 600 करोड़ रुपये से घटाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें