पीएम मोदी ने पिछले साल लॉन्च किया था मिशन
इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अप्रैल, 2022 में लॉन्च किया गया था। मिशन अमृत सरोवर का उद्देश्य हर जिले में कम से कम 75 जल निकायों का कायाकल्प करना है। 15 अगस्त तक 50 हजार अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य था। मंत्रालय ने मई में घोषणा की थी कि 50,071 अमृत सरोवरों को पूरा करने के साथ ही राष्ट्रीय लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले हासिल कर लिया गया है।
66,278 अमृत सरोवरों का किया गया निर्माण/कायाकल्प
इसमें कहा गया है, 'पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, बिहार और राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों के प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवरों के जिला स्तरीय लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास किए हैं, जहां कुछ जिलों को अभी लक्ष्य हासिल करना है।' मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चिन्हित किए गए 1,12,277 (1.12 लाख) अमृत सरोवरों में से 81,425 पर काम शुरू हो चुका है। कुल 66,278 अमृत सरोवरों का निर्माण या कायाकल्प किया गया है।
मिशन अमृत सरोवर में ये आठ मंत्रालय शामिल
मिशन में आठ केंद्रीय मंत्रालय ग्रामीण विकास; पंचायती राज; वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन; रेलवे और सड़क परिवहन और राजमार्ग - और विभाग, भूमि संसाधन, पेयजल और स्वच्छता और जल संसाधन शामिल हैं।
इन योजनाओं पर फोकस करता है मिशन
यह मिशन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की उप-योजनाओं (जैसे जलसंभर विकास घटक और हर खेत को पानी) पर फोकस करके राज्यों और जिलों के जरिए काम करता है। यह इन प्रयासों के लिए नागरिक और गैर-सरकारी संसाधनों को जुटाने को भी प्रोत्साहित करता है।