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ED: सेंथिल ने किया नौकरी के बदले नकदी घोटाले में दफ्तर का दुरुपयोग, परिवहन निगम भर्ती में रिश्वत का आरोप

Thu, 15 Jun 2023 05:38 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेंथिल की हिरासत मांगने के लिए ईडी ने कोर्ट को बताया कि बालाजी और उनकी पत्नी के बैंक खातों में इस तरह की धन वसूली से करीब 1.60 करोड़ रुपये जमा किए गए। अदालत ने इसके बाद सेंथिल को 28 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय ने सत्र अदालत को बताया कि तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी नौकरी दिलाने का एक रैकेट चला रहे थे। उन्होंने अपने दफ्तर का दुरुपयोग करते हुए 2014-15 में परिवहन विभाग में अपने सहयोगियों की मदद से उम्मीदवारों से नौकरी के बदले रिश्वत वसूली।
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सेंथिल की हिरासत मांगने के लिए ईडी ने कोर्ट को बताया कि बालाजी और उनकी पत्नी के बैंक खातों में इस तरह की धन वसूली से करीब 1.60 करोड़ रुपये जमा किए गए। अदालत ने इसके बाद सेंथिल को 28 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी के मुताबिक सेंथिल नौकरी के बदले नकदी मामले का मुख्य संदिग्ध है। ईडी ने अपनी दलील में दावा किया कि एक सरकारी पद पर रहते हुए बालाजी ने अपने कार्यालय का दुरुपयोग किया। उन्होंने एमटीसी/टीएनएसटीसी में जॉब रैकेट घोटाला किया। बालाजी और उनके सहयोगियों के खिलाफ ईडी का मामला 2011-15 के दौरान एआईएडीएमके सरकार में राज्य के परिवहन मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से जुड़ा है।

राज्य संचालित मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एमटीसी) और तमिलनाडु स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (टीएनएसटीसी) में अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि सेंथिल ने अपने भाई आरवी अशोक कुमार, पीए बी शनमुगम और एम कार्तिकेयन नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर सभी राज्य परिवहन उपक्रमों (एसटीयू) के प्रबंध निदेशकों और परिवहन निगमों के अन्य अधिकारियों के साथ रिश्वत के लिए साजिश रची। परिवहन निगम में चालक, परिचालक, कनिष्ठ सहायक, कनिष्ठ अभियंता एवं सहायक अभियंता के रूप में (वर्ष 2014-15 के दौरान) भर्ती करने हेतु अभ्यर्थियों से यह रिश्वत ली गई। 
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घर पर ईडी अफसरों पर चिल्लाए
ईडी के मुताबिक बालाजी, आरवी अशोक कुमार और बी शनमुगम को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। मंगलवार को बालाजी और उनके सहयोगियों के परिसरों पर छापाें के बाद, उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किया गया लेकिन सेंथिल ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। सेंथिल ईडी अधिकारियों पर चिल्लाए भी जिसके बाद दो गवाहों की मौजूदगी में ईडी ने उनका बयान दर्ज करने की कोशिश की थी। रात 1:30 बजे के करीब उनका रवैया बहुत बिगड़ गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा।

नियमों का उल्लंघन
ईडी ने अदालत को बताया कि उसने रैकेट में शामिल कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि उम्मीदवारों की भर्ती में कई नियमों का उल्लंघन किया गया। इनमें पेंसिल से साक्षात्कार अंक दर्ज करना, योग्यता और आरक्षण के सिद्धांत का पालन नहीं करना और पीए के सहयोगियों से नौकरियों के लिए पैसे का भुगतान करना शामिल था। बालाजी के एक रिश्तेदार के 25 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति 10.88 लाख रुपये में खरीदने के मामले पर भी ईडी की नजर है।
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