धनशोधन के एक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को ईडी ने कोर्ट में कहा कि नवाब मलिक का निर्दोष होने का कोई सवाल ही नहीं है, वह दाऊद इब्राहिम की बहन से लेन-देन कर रहे थे।
वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद नवाब मलिक को 23 फरवरी को ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने मलिका का सीधा संबंध दाउद इब्राहिम से बताया था। ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने मलिक की जमानत याचिका पर दलीलें पेश करते हुए और इसे खारिज करने की मांग करते हुए यह दलील दी।
ईडी का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा वर्ष 1993 मुंबई धमाकों के आरोपी और वैश्विक आंतकवादी घोषित दाऊद इब्राहिम तथा उसके सहायकों के खिलाफ हाल में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत दर्ज एक प्राथमिकी पर आधारित है।
पिछले काफी महीनों मलिक फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद किए गए है। अपनी तबियत खराब होने का दावा बोलकर वह कई बार जमानत मांग चुके हैं। हालांकि अदालत ने पहले चिकित्सा आधार पर उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। उनकी नियमित जमानत याचिका पर विशेष न्यायाधीश सुनवाई कर रहे हैं।