प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मणिपुर में कांग्रेस अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र को समन भेजा है। ईडी के समन पर कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए इसे प्रतिशोध, उत्पीड़न और बदले की राजनीति बताया। कांग्रेस ने बताया कि कीशम मेघचंद्र को मणिपुर हिंसा को लेकर लगातार बोलने के बाद ईडी का समन मिला है। मणिपुर कांग्रेस के प्रवक्ता निंगोम्बन भूपेंद्र मैतेई ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर हिंसा को लेकर सच बोलने के लिए मेघचंद्र को खामोश किया जा रहा है।
मेघचंद्र मे ईडी के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं बहुत हैरान हूं। आज मुझे ईडी का समन मिला। इसे देखकर मैं हैरान और भ्रमित हूं कि ईडी का समन क्यों भेजा गया है।" सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रवक्ता निंगोम्बन भूपेंद्र मैतेई ने कहा, कीशम मेघचंद्र को मोदी सरकार और उनकी एजेंसी मणिपुर के लोगों के लिए सच बोलने से रोक नहीं सकती है। हम इसके लिए अदालत में न्यायिक रूप से लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वे ईडी के समन को अदालत में चुनौती देंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पहले कहा था कि मेघचंद्र को ईडी का समन मिला था। उन्होंने कहा कि मेघचंद्र मणिपुर हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बोल रहे थे।
रमेश ने कहा, मई 2023 से मणिपुर को नष्ट करने में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मणिपुर के सीएम की भूमिका के खिलाफ मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र बिना डरे बात कर रहे थे। ईडी का समन केवल केंद्रीय सरकार की असफलताओं को छिपाना है। रमेश ने कहा, जो डरते हैं उन्हें डराया जाता हैकांग्रेस कभी भी चुप नहीं रहेगी। 19 अगस्त को कीशम मेघचंद्र ने राज्य की स्थिति पर बात की। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों द्वारा राज्य में शांति स्थापित करने के लिए रोडमैप प्रदान करने की अपील को नजरअंदाज किया गया। जयराम रमेश ने कहा कि मणिपुर में विपक्षी पार्टियां पीएम मोदी से राज्य का दौरा करने की अपील करती रही, लेकिन उन्होंने 15 महीनों में एक बार भी दौरा नहीं किया।