ईडी अधिकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए गए नेता चटर्जी पूछताछ के दौरान ज्यादातर वक्त चुप रहे। चटर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि वह ‘‘साजिश का शिकार’’ हुए हैं। उन्होंने खुद को निलंबित करने के टीएमसी के फैसले पर नाखुशी भी जताई थी।
पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार किए गए मंत्री पार्थ चटर्जी पूछताछ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने बताया कि चटर्जी ने कथित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के संबंध में ईडी के ज्यादातर सवालों का ‘‘जवाब नहीं दिया है।’’
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ईडी अधिकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए गए नेता चटर्जी पूछताछ के दौरान ‘‘ज्यादातर वक्त चुप रहे।’’ चटर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि वह ‘‘साजिश का शिकार’’ हुए हैं। उन्होंने खुद को निलंबित करने के टीएमसी के फैसले पर नाखुशी भी जताई थी।
ईडी अधिकारी ने कहा, ‘‘वह गिरफ्तारी के बाद से ही हमारे साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह अक्सर थकावट की शिकायत करते हैं और हमारे सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। हमने चटर्जी से उनके दावों के बारे में पूछा था कि छापे में बरामद नकदी उनकी नहीं है। हम इस धन के स्रोत के बारे में पता लगा रहे हैं।’’ करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले के केंद्र में रहे चटर्जी ने रविवार को दावा किया कि ईडी की छापेमारी के दौरान बरामद धन उनका नहीं है, और समय ही बताएगा कि किसने उनके खिलाफ "साजिश" की गई है।
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केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी के अनुसार, चटर्जी के करीबी सहयोगियों में से एक अर्पिता मुखर्जी से जुड़े अपार्टमेंट से सोने के साथ लगभग 50 करोड़ रुपये नकदी बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान मुखर्जी ने यह भी दावा किया कि उनके दो फ्लैटों से भारी मात्रा में जो नकदी और जेवर बरामद किए गए वह उसके नहीं थे।