सूत्रों के मुताबिक, ईडी को जांच में पता चला है कि 2020-21 में कोरोना काल के दौरान कोविड पीड़ितों से अतिरिक्त रकम वसूली गई लेकिन उसको रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया।
आंध्र प्रदेश के एक निजी अस्पताल में शनिवार को धन की हेराफेरी को लेकर ईडी ने छापेमारी की है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ईडी ने छापेमारी में कुछ दस्तावेज भी जब्त भी किए हैं। ईडी अधिकारियों की चार टीमें नई दिल्ली से यहां पहुंचीं और 27 घंटे से अधिक समय तक तलाशी अभियान चलाया।
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कई लोगों से की गई पूछताछ
ईडी के अधिकारियों ने मंगलागिरी में एनआरआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कुछ पूर्व अधिकारियों सहित कुछ लोगों से भी पूछताछ की। तलाशी के संबंध में अस्पताल की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन ईडी के अधिकारियों ने कथित घोटाले को लेकर शुक्रवार और शनिवार को एक पूर्व निदेशक और पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी सहित अन्य लोगों से पूछताछ की।
कोविड पीड़ितों से अतिरिक्त रकम वसूली गई
सूत्रों के मुताबिक, ईडी को जांच में पता चला है कि 2020-21 में कोरोना काल के दौरान कोविड पीड़ितों से अतिरिक्त रकम वसूली गई लेकिन उसको रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। सूत्रों ने कहा कि यह राशि करीब 25 करोड़ रुपये हो सकती है। वहीं अस्पताल के कुछ अन्य पूर्व निदेशकों से भी संदिग्ध लेन-देन पर पूछताछ की जाएगी। साथ ही कहा अस्पताल को एनआरआई भारतीयों से भी भारी चंदा मिला।
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कोविड-19 मरीजों के बारे में विवरण दर्ज नहीं
कोरोना पीड़ितों से मिले भुगतानों की फर्जी रसीदों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की अस्पताल के रिकॉर्ड में 1,500 से अधिक कोविड-19 मरीजों के बारे में विवरण दर्ज नहीं किया गया था, जिससे फर्जी खातों के माध्यम से धन की हेराफेरी का संदेह पैदा हुआ। ईडी को पता चला है कि इस अस्पताल से बड़ी रकम हैदराबाद में ट्रांसफर की गई।