नेशनल हेराल्ड(National Herald) अखबार से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ की। ईडी ने करीब दो घंटे तक सानिया गांधी से सवाल पूछे। इसके बाद उन्हें जाने के लिए कह दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देशव्यापी प्रदर्शन किया।
मामले में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ED ने कहा कि हमारे पास कोई सवाल नहीं, आप जा सकती हैं। मगर सोनिया गांधी ने कहा कि आपके जितने सवाल हैं, पूछिए, मैं रात 8-9 बजे तक रुकने को तैयार हूं। रमेश ने कहा कि मैं साफ कर दूं कि सोनिया गांधी ने पूछताछ खत्म करने का कोई निवेदन नहीं किया।
जयराम रमेश ने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि ईडी से अनुरोध किया गया कि वे पूछताछ बंद कर दें, क्योंकि सोनिया गांधी कोरोना से जूझ रही हैं। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि पूछताछ बंद की गई, क्योंकि उनके पूछने को कुछ नहीं बचा था। सोनिया गांधी ने कहा कि जब जरूरत होगी, वे पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगी।
वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सोनिया गांधी को ईडी ने समन किया था। यह वही महिला हैं, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से शादी की थी। उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। इसके बावजूद भाजपा उनके पीछे लगी है। भाजपा को बदले की आग ने अंधा बना दिया है। वह जिसने एक नहीं, बल्कि दो बार प्रधानमंत्री पद को ठुकराया, उसे 90 करोड़ के घोटाले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करना चाहती है
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमें सोनिया गांधी से पूछताछ से कोई समस्या नहीं है, लेकिन हम उनकी पूछताछ के पीछे की मंशा का विरोध करते हैं। भाजपा गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करना चाहती है इसलिए वे ऐसी साजिश रच रहे हैं।
साथ ही कहा कि जब भाजपा को एक आदिवासी महिला के भारत के राष्ट्रपति बनने पर गर्व है, तो उन्होंने सवाल करने के नाम पर एक महिला के साथ अन्याय किया, जिसने पीएम पद का त्याग किया।