36 सौ करोड़ के वीवीआईपी चौपर डील केस से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार व्यवसायी सुषेण मोहन गुप्ता की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे खारिज करने की मांग की है। ईडी ने गुप्ता को 25 मार्च को मनी लांड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने सोमवार को गुप्ता को 20 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। राउज एवेन्यू अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविं कुमार के समक्ष ईडी ने गुप्ता की जमानत याचिका पर मंगलवार को जवाब दाखिल कर दिया। जमानत याचिका पर अदालत 11 अप्रैल को सुनवाई करेगी।
कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता पीवी कपूर ने जमानत याचिका दायर कर कहा है कि उसे राजीव सक्सेना के बयान पर गिरफ्तार किया गया है जिसका अपना पिछला रिकार्ड सही नहीं है। इसके अलावा गुप्ता से दो साल से अधिक समय से पूछताछ चल रही है लेकिन इसके बाद भी उसे गिरफ्तार किया गया। एजेंसी उससे 14 दिन पूछताछ कर चुकी है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। ऐसे हालात में उसे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
ईडी की रिमांड का विरोध करते हुए तीन अप्रैल को पीवी कपूर ने कहा था कि ईडी चाहती है गुप्ता किसी आरजी का नाम पूछताछ में स्वीकार करे। वह पूछताछ के दौरान ईडी को बता चुका है कि जिस डायरी में आरजी के नाम से 52 करोड़ की एंट्री है वह उसकी नहीं है और न उसने एंट्री की है।