जून 2018 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय एक खुफिया रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में सिंह को दुबई से आई फोनकॉल की जानकारी थी। दावा किया गया था कि इस रिपोर्ट के देश की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने तैयार किया था और वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग को सौंपी थी। उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व विभाग के तहत ही काम करता है। ईडी के तत्कालीन निदेशक करनाल सिंह ने इस संबंध में जारी एक बयान में जांच की बात कही थी और सिंह को एक जिम्मेदार अधिकारी बताया था।
सरकार ने इस मामले में सिंह के खिलाफ एक पत्र लिखने पर जांच शुरू की थी। इस पत्र में उन्होंने तत्कालीन राजस्व सचिव हसमुख अधिया पर सवाल उठाए थे कि क्या उन्होंने घोटालेबाजों और उनके सहयोगियों का साथ देकर मुझसे दुश्मनी की है। इस पत्र को लेकर सिंह को राजस्व विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था, जिसके जवाब में सिंह ने खेद प्रकट किया था और अपना पक्ष बयान किया था। सूत्रों के अनुसार यह पत्र करनाल सिंह के पास तो गया था लेकिन अधिया तक कभी नहीं पहुंचाया गया।
राजेश्वर सिंह के खिलाफ ईडी, सीबीआई और सीवीसी जैसी एजेंसियों ने कुछ कथित अनियमितताओं को लेकर जांच की थी और इसे लेकर एक रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। अदालत ने यह कहा ता कि आरोपों में कोई आधार नहीं है और इसके साथ ही जांच बंद कर दी थी। अपने यूनिफॉर्म करियर के दौरान कई एनकाउंटर को अंजाम देने वाले राजेश्वर सिंह का विवाह आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह के साथ हुआ है। बता दें कि लक्ष्मी सिंह फिलहाल लखनऊ रेंज में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।