प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक एवं अन्य दो लोगों को 48.23 लाख रुपये के विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में फेमा का नोटिस भेजा है। एजेंसी ने 30 दिनों के भीतर इसका जवाब मांगा है। इस अवधि में जवाब नहीं मिलने पर आरोपियों के खिलाफ दीवानी मुकदमा चलाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि ईडी ने हाल ही में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन यासीन मलिक और श्रीनगर निवासी एक दंपति को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है।
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इस मामले में जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने 2001 में एफआईआर दर्ज की थी। पेश मामले में पुलिस ने श्रीनगर के मुश्ताक अहमद डार और उसकी बीवी शमीमा उर्फ शाजिया उर्फ बिट्टी को एक लाख डॉलर (तब के एक्सचेंज रेट के अनुसार 48.23) लाख रुपये बरामद किए गए थे। डार के अनुसार यह रकम उसे नेपाल में एक शख्स ने दी थी, जिसे यासीन मलिक को सौंपा जाना था।
पुलिस ने इस मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था लेकिन वह जमानत पर छूट गया। डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक चली जांच के बाद अब ई़डी ने फेमा नोटिस जारी किया है। इससे पहले भी मलिक को ईडी का सम्मन भेजा जा चुका है लेकिन वह कभी इस मामले में एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ।