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कार्रवाई: ईडी ने पत्रकार राजीव शर्मा को किया गिरफ्तार, चीन को खुफिया जानकारी देने का है आरोप

Sat, 03 Jul 2021 04:36 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह कार्रवाई पीएमएलए कानून के तहत की गई है। पत्रकार राजीव पर आरोप है कि वह गुप्त जानकारी मुहैया कराने के एवज में चीन के अधिकारियों से मोटी रकम लेता था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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चीनी खुफिया अधिकारियों को गोपनीय एवं संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पीएमएलए कानून के तहत की गई है। पत्रकार राजीव पर आरोप है कि वह गुप्त जानकारी मुहैया कराने के एवज में चीन के अधिकारियों से मोटी रकम लेता था।

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कोर्ट में पेश किया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को कहा कि उसने चीनी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर लीक करने से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली के एक स्वतंत्र पत्रकार को गिरफ्तार किया है। स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत एक जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और शुक्रवार को यहां एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया।

सात दिन की हिरासत में भेजा
केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अदालत ने शर्मा को सात दिन तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि 62 वर्षीय शर्मा ने पैसों के लिए चीनी खुफिया अधिकारियों को गोपनीय और संवेदनशील जानकारी दी थी।
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एजेंसी ने आरोप लगाया कि यह भी पता चला है कि शर्मा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के लिए नकदी का इंतजाम महिपालपुर स्थित (दिल्ली में एक क्षेत्र) मुखौटा कंपनियों द्वारा एक 'हवाला' के माध्यम से किया जा रहा था, जिसे चीनी नागरिक झांग चेंग उर्फ सूरज, झांग लिक्सिया उर्फ उषा और क्वींग शी, एक नेपाली नागरिक शेर सिंह उर्फ राज बोहरा के साथ चला रहे थे।

बेनामी बैंक खातों में आई रकम
ईडी ने कहा कि नकदी के अलावा, विभिन्न चीनी कंपनियों और भारत में कुछ अन्य व्यापारिक कंपनियों के बीच भारी लेन देन किया गया, जिनकी जांच की जा रही है। एजेंसी ने कहा कि राजीव शर्मा ने आपराधिक गतिविधियों में अपनी संलिप्तता को छिपाने के लिए बेनामी बैंक खातों के माध्यम से भी धन प्राप्त किया।

ईडी का मामला पिछले साल शर्मा के खिलाफ शासकीय गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है। शर्मा को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले साल 14 सितम्बर को गिरफ्तार किया था और उन पर भारतीय सेना की तैनाती और देश की सीमा रणनीति के बारे में चीनी खुफिया एजेंसियों को जानकारी देने का आरोप लगाया गया था।

शर्मा ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि उनकी गिरफ्तारी के 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है। इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2020 में पत्रकार को जमानत दी थी।

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