ईडी ने वकील समेत 5 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन पर एम एफ हुसैन और एसएच रजा जैसे मशहूर कलाकारों की 11 नकली पेंटिंग्स इनवेस्टमेंट बैंकर को 17.9 करोड़ में बेचने का आरोप है। जांच में सामने आया कि जिन स्रोतों का हवाला दिया गया, वे फर्जी निकले।
मशहूर चित्रकारों की नकली पेंटिंग्स बेचने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई के एक विशेष अदालत में वकील और चार अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनपर आरोप है कि इन लोगों ने मशहूर चित्रकारों एम एफ हुसैन, एसएच रजा जैसे कलाकारों की 11 नकली पेंटिंग्स एक इनवेस्टमेंट बैंकर को 17.9 करोड़ रुपये में बेच दीं।
मामले में कौन-कौन बने आरोपी?
अब समझिए पूरा मामला
बता दें कि इनवेस्टमेंट बैंकर पुनीत भाटिया ने फरवरी से मई 2022 के बीच 11 पेंटिंग्स खरीदीं, जिनकी कीमत कुल 17.90 करोड़ रुपये थी। उन्होंने ये भुगतान आर्ट इंडिया इंटरनेशनल को किया, जो राजपाल की कंपनी है। जांच में सामने आया कि देसाई ने खुद को 25 साल के अनुभव वाला आर्ट कलेक्टर बताया और भाटिया को निवेश के लिए तैयार किया। उन्होंने पेंटिंग्स की सच्चाई की गारंटी भी दी।
इसके बाद राजपाल ने राघवेंद्र परमार से अंग्रेजी न पढ़ पाने का फायदा उठाते हुए फर्जी दस्तावेजों पर साइन करवा लिए और उन्हें पैसे का झांसा दिया। ईडी ने जांच में 6.47 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है, जिसमें पेंटिंग्स, मूर्तियां और चांदी के सामान शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर इस घोटाले से खरीदा गया था।