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ईडी की चार्जशीट में खुलासा, रतुल पुरी ने अमेरिकी नाइटक्लब में एक दिन में फूंके 7.8 करोड़ रुपये

Sun, 20 Oct 2019 08:16 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • प्रवर्तन निदेशालय ने रतुल पुरी को लेकर किया बड़ा खुलासा
  • ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में दायर की चार्जशीट में किया उल्लेख
  • चार्जशीट में पुरी के सहयोगी, मोजर बेयर इंडिया (प्राइवेट) लि का भी नाम
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे हैं रतुल पुरी
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रतुल पुरी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़ा खुलासा किया है। मनी लांड्रिंग मामले में ईडी द्वारा दायर चार्जशीट में बताया गया है कि पुरी ने अमेरिका के एक नाइटक्लब में एक दिन में 11,43,980 डॉलर यानी 7.8 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे।

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पुरी के अलावा चार्जशीट में उनके सहयोगी और मोजर बेयर इंडिया (प्राइवेट) लिमिटेड का भी नाम है। पुरी मोजर बेयर के कार्यकारी निदेशक हैं। ईडी ने चार्जशीट में कहा, 'लेनदेन का सत्यापन किया गया और यह पता चला कि लेनदेन का इस्तेमाल भारत और विदेश में तमाम महंगे होटलों में ठहरने के लिए किया गया। प्रोवोकेटर नाम के एक नाइट क्लब में पुरी ने एक रात में 11,43,980 डॉलर (करीब 7.8 करोड़ रुपये) खर्च किए गए।'

एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि नवंबर 2011 और अक्तूबर 2016 के बीच पुरी का निजी खर्च 4.5 मिलियन डॉलर यानी 32 करोड़ रुपये का रहा है। चार्जशीट में आकलन किया गया है कि पुरी ने लगभग 8,000 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग की है जो शुरुआती अनुमान से काफी ज्यादा है।
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ईडी ने दावा किया है कि मोजर बेयर ने बैंकों से मिले कर्ज को अपनी सब्सिडियरी कंपनियों को हस्तांतरित किया है। ईडी का कहना है कि फर्जी कंपनियों के जरिए मनी लांड्रिंग की गई। ईडी ने चार्जशीट में दर्जनों सब्सिडियरी कंपनी का उल्लेख किया है जिसमें पैसे को भेजा गया। 

दिल्ली की अदालत में दाखिल 110 पन्नों की चार्जशीट में ईडी का कहना है, 'बीते कुछ सालों में मोजर बेयर ने अपनी सब्सिडियरी और सहयोगी कंपनियों में 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया।' मोजर बेयर और उसके निदेशकों और प्रमोटरों पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों और अन्य बैंकिंग संस्थानों से कंपनी को व्यापार के उद्देश्य से मिले कर्ज का निजी इस्तेमाल में दुरुपयोग किया। 

बता दें कि रतुल पुरी 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी चॉपर घोटाले में भी आरोपी हैं। उन्हें मनी लांड्रिंग मामले में 20 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जेल में हैं। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत को 25 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दिया है।

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