प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित पैन कार्ड क्लब निवेशकों की धोखाधड़ी के मामले से जुडी धनशोध जांच के तहत अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और थाईलैंड में 30 संपत्तियां कुर्क की हैं। वित्तीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ईडी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। ये संपत्तियां पैनोरमिक यूनिवर्सल लिमिटेड (पीयूएल), मुंबई और इस मामले में (दिवंगत) आरोपी सुधीर मोरावेकर के नाम पर हैं। इन सभी संपत्तियों को 2002 से 2015 के बीच 54.32 करोड़ रुपये खर्च करके खरीदा गया है।
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संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि इनमें से 22 संपत्तियां थाईलैंड, 6 यूएई और 2 अमेरिका में स्थित हैं। यह जांच महाराष्ट्र पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की एक प्राथमिकी पर आधारित है। प्राथमिकी के अनुसार, पैन कार्ड लिमिटेड (पीसीएल) ने 1997 से 2017 के बीच भारत में लगभग 51 लाख निवेशकों से गैरकानूनी रूप से पैसा एकत्र किया और उनमें से कई निवेशकों को 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वापस नहीं की।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पैन कार्ड लिमिटेड (पीसीएल), पैनोरामिक यूनिवर्सल लिमिटेड (पीयूएल), इनसे जुड़ी 44 अन्य कंपनियों, 6 निदेशकों और पीसीएल के 5 मार्केटिंग प्रतिनिधियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और महाराष्ट्र जमाकर्ता संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है।
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ईडी ने बताया कि जांच में पता चला कि लगभग 99 करोड़ रुपये की अपराध की कमाई को पीसीएल से निकालकर पीयूएल और मोरवेकर के परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर किया गया।
जांच में पता चला कि 2002 में पीयूएल ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) के ज़रिए न्यूजीलैंड में एक होटल खरीदा था। बाद में यह होटल बेच दिया गया और पीयूएल की न्यूजीलैंड स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी को बंद कर दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) को नहीं दी गई। इसी तरह, 2002 से 2014 के बीच पीयूएल ने अमेरिका, यूएई, थाईलैंड और सिंगापुर में भी ओडीआई निवेश किए और करीब 100 करोड़ रुपये विदेश भेजे।