प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय तक पूछताछ के बाद ईडी ने वीरेंद्र राम को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले मंगलवार को ईडी ने राज्य में 24 जगहों पर छापेमारी की थी। छापेमारी वीरेंद्र राम से जुड़े रांची समेत कई ठिकानों पर की गई थी। वीरेंद्र को कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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21 फरवरी को 24 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
झारखंड की राजधानी रांची में ईडी के कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद इंजीनियर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत हिरासत में ले लिया गया। ईडी ने 21 फरवरी को रांची, जमशेदपुर समेत झारखंड, बिहार और दिल्ली के कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की थी।
150 करोड़ की संपत्ति मिली
वीरेंद्र राम के ठिकानों पर बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे जारी रहे। कार्रवाई मंगलवार सुबह पांच बजे से शुरू हुई। पूछताछ में ईडी के सामने वीरेंद्र राम ने कई बड़े व्यक्तियों के साथ अपने संबंधों का भी खुलासा किया है। जानकारी के अनुसार राम के यहां 150 करोड़ की संपत्ति मिली है। साथ ही दो करोड़ के स्वर्ण आभूषण बरामद किए गए हैं। मुख्य अभियंता राम के पास इतना अकूत धन कहां से आया इसकी जानकारी ईडी जुटा रही है। ईडी ने वीरेंद्र राम के पास एक लैपटॉप और कुछ पैन ड्राइव बरामद किए हैं।
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पूछताछ के दौरान आनाकानी के बाद कार्रवाई
आधिकारिक सूत्रों का मानें तो वीरेंद्र राम अपने जवाबों में टालमटोल कर रहे थे। ईडी अब गुरुवार को उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश करेगी और हिरासत में पूछताछ की मांग करेगी। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने विभिन्न परिसरों से कुछ लग्जरी कारें और एसयूवी भी जब्त की हैं।
राज्य सतर्कता ब्यूरो की शिकायत के बाद खुला मामला
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला राज्य सतर्कता ब्यूरो की शिकायत के बाद सामने आया है, जिसमें सरकारी काम के अनुदान के बदले कुछ कथित कमीशन का भुगतान किया गया था। सूत्रों ने बताया कि इन आरोपों के संबंध में अधिक सबूत इकट्ठा करने के उद्देश्य से छापेमारी की गई थी।