इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में दोपहर करीब 2 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की वेबसाइट के अनुसार इस भूकंप का केंद्र नेपाल था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई।
अरुणाचल प्रदेश में बुधवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अरुणाचल के तवांग से 37 किलोमीटर पूर्व की ओर रात दो बजकर 25 मिनट पर यह झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.1 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था।
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दिल्ली-एनसीआर में भी कांपी धरती
इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में दोपहर करीब 2 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों का कंपन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की वेबसाइट के अनुसार इस भूकंप का केंद्र नेपाल था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई है।
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उत्तराखंड में भी महसूस किए गए झटके
वहीं, उत्तराखंड में बुधवार को भूकंप से धरती हिल गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र नेपाल में था। भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ से 143 किमी दूर जमीन के 10 किमी अंदर था। राहत की बात है कि क्षेत्र में कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
इस बीच नेशनल जियो फिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) के वैज्ञानिक ने दावा किया है कि हिमालय क्षेत्र में जल्द ही बड़ा भूकंप आ सकता है। उन्होंने कहा कि भूकंप की तीव्रता काफी हो सकती है, जो क्षेत्र में भारी तबाही ला सकता है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि संरचनाओं को मजबूत करके जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
हैदराबाद स्थित एनजीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. पूर्णचंद्र राव का कहना है कि धरती की परत कई प्लेट्स से मिलकर बनी है और इन प्लेट्स में लगातार विचलन होता रहता है। भारतीय प्लेट्स हर साल पांच सेंटीमीटर तक खिसक गई हैं और इसकी वजह से हिमालय क्षेत्र में काफी तनाव बढ़ गया है। इसी के चलते हिमालय क्षेत्र में भारी भूकंप आ सकता है।
डॉ. पूर्णचंद्र राव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, नेपाल के पश्चिमी हिस्से और उत्तराखंड में भूकंप आ सकता है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 8 रह सकती है।