मोदी सरकार के छह साल के कार्यकाल में चार करोड़ अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को स्कॉलरशिप मिली है। मुस्लिम, क्ररश्चियन, सिख, जैन, बौद्ध व पारसी समुदाय के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए यह सुविधा मिली है। इसका 54 फीसदी लाभ छात्राओं को मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को इस स्कॉलरशिप का लाभ मिला है। स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक मंत्रालय के माध्यम से आती है।
इस स्कॉलरशिप का मकसद छात्रों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए यह स्कॉलरशिप उन छात्र-छात्राओं को दी गई है जोकि आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 से अब तक चार करोड़ छात्रों को स्कॉलरशिप दी है। इसमें 11,690 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।