जनवरी 2020 से विदेशी मुद्रा भंडार में 70 फीसदी की गिरावट ने श्रीलंका के सामने भोजन और ईंधन समेत जरूरी आयात के लिए भुगतान करने का संकट खड़ा कर दिया है। इसी कारण देश में बढ़ती अशांति रोकने के लिए यहां के पेट्रोल पंपों पर सैन्य तैनाती भी की गई है। इस संकट से बाहर निकलने के लिए वित्तमंत्री बेसिल राजपक्षे अगले माह वाशिंगटन में आईएमएफ और विश्व बैंक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
श्रीलंका अपने देश के गंभीर आर्थिक संकट से निपटने के लिए विश्व बैंक से मदद मांगेगा। दो सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक श्रीलंका अगले माह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बचाव योजना पर भी चर्चा करेगा। इस बीच, श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने देश को आर्थिक विकास मदद व ऋण सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है।
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बता दें कि जनवरी 2020 से विदेशी मुद्रा भंडार में 70 फीसदी की गिरावट ने श्रीलंका के सामने भोजन और ईंधन समेत जरूरी आयात के लिए भुगतान करने का संकट खड़ा कर दिया है। इसी कारण देश में बढ़ती अशांति रोकने के लिए यहां के पेट्रोल पंपों पर सैन्य तैनाती भी की गई है। फरवरी तक 2.31 अरब डॉलर का मामूली भंडार रखने वाले श्रीलंका को इस साल के शेष हिस्सों में करीब चार अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है।
इस संकट से बाहर निकलने के लिए वित्तमंत्री बेसिल राजपक्षे अगले माह वाशिंगटन में आईएमएफ और विश्व बैंक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन हालात में भारत से मिली वित्तीय मदद पर राजपक्षे ने कहा कि हम गंभीर आर्थिक संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रगुजार हैं। श्रीलंका ने भोजन, दवाओं व अन्य जरूरी सामान की खरीद के लिए भारत से एक अरब डॉलर के क्रेडिट लाइन पर दस्तखत किए हैं।