निर्वाचन आयोग पूरे देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी कर रहा है। बिहार में कराई गई प्रक्रिया विवादों में घिरी और जमकर आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। अब दिल्ली के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी को भी घेरा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए। जानिए पूरा मामला
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अवैध घुसपैठियों को मतदाता बनाने का काम किया। भाजपा नेता के अनुसार यह काम चुनावों में अपनी जीत हासिल करने के लिए की गई थी। पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के निर्णय का स्वागत करते हुए सचदेवा ने कहा कि भाजपा दिल्ली की मतदाता सूची को व्यवस्थित कराने और सभी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में पूरा सहयोग करेगी।
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एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे कांग्रेस और कुछ अन्य दल
सचदेवा ने आरोप लगाया कि विदेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए कांग्रेस और कुछ अन्य दल एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी बिहार की चुनावी सभाओं में यही आरोप लगाया था।
भारी संख्या में मतदाता दिल्ली आकर
भाजपा नेता सचदेवा के अनुसार, अरविंद केजरीवाल के द्वारा दिल्ली के चुनावों में बार-बार मुफ्त के लुभावने वादे कर एक खास वर्ग को राजधानी की तरफ आकर्षित किया गया। उन्हें मतदाता बनाने के बाद उनका वोट लेकर चुनावों में जीत हासिल करने का एक सेट फॉर्मूला अपनाया गया। भाजपा ने पहले भी आरोप लगाया था कि दिल्ली से बाहर से भारी संख्या में मतदाता दिल्ली आकर चुनावों में वोट देते हैं और चुनाव के बाद वे वापस चले जाते हैं।
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दिल्ली की वोटर लिस्ट: एक ही पते पर 60 से 100 मतदाता
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यह जानकारी उजागर की थी कि दिल्ली की वोटर लिस्ट में एक ही पते पर 60 से 100 तक वोट बनाये गए थे। भाजपा का आरोप है कि फुटपाथ पर नकली घर नम्बर डाल कर अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के वोट बना दिए गये थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ऐसे फर्जी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास किए गए थे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अचानक 13 लाख वोट बढ़ने का दावा
भाजपा ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अचानक 13 लाख वोट बढ़ गए थे। उसके बाद 2019 के बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में भी 8 लाख से ज्यादा वोट बढ़ गए थे। भाजपा के अनुसार, दिल्ली में घुसपैठियों और ऐसे मतदाताओं की वोट बनाई जा रही थी जो दिल्ली में नागरिक ही नहीं थे। पार्टी ने इसके विरोध में चुनाव आयोग को 10 हजार पृष्ठों में विस्तार से शिकायत दी थी।
एन्यूमरेशन फॉर्म भरने का नियम
दिल्ली में 2002 की वोटर लिस्ट को मद्देनजर रखते हुए यह प्रक्रिया की जाएगी। जिन लोगों के नाम 2002 की वोटर लिस्ट में हैं, उन्हें सिर्फ एन्यूमरेशन फॉर्म भरना होगा। जिन मतदाताओं का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं होगा, उन्हें अपने माता-पिता की मतदाता पहचान पत्र की जानकारी साझा करनी होगी। अन्य वर्ग के मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग प्रक्रिया तय करेगा।