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Gujarat Poll: आप के हंगामे को EC ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, आयोग ने कहा- अनुरोध के बाद भी नहीं बंद किया विरोध

Wed, 16 Nov 2022 10:37 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) में आम आदमी पार्टी का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए उस समय हंगामा खड़ा कर दिया जब विरोध का कोई कारण नहीं था।    
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चुनाव आयोग - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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गुजरात चुनाव को लेकर  आम आदमी पार्टी कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के सूरत (पूर्व) से उम्मीदवार कंचन जरीवाला द्वारा बुधवार को अपना नामांकन वापस लेने के बाद आप ने हंगामा शुरू कर दिया। इतना ही नही भाजपा पर आरोप लगाते हुए आप नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप समर्थकों ने दोपहर 12 बजे से चुनाव आयोग के मुख्य द्वार पर नारेबाजी और धरना शुरू कर दिया था। वहीं, अब चुनाव आयोग ने इसे सुनियोजित ड्रामा करार दिया है। ईसीआई के सूत्रों के मुताबिक, भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) में आम आदमी पार्टी (आप) का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए उस समय हंगामा खड़ा कर दिया जब विरोध का कोई कारण नहीं था।    

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गौरतलब है कि, पहले से तय मानकों के मुताबिक, राजनीतिक दल अभ्यावेदन की एक प्रति के साथ चुनाव आयोग से समय मांगते हैं। जिसके बाद चुनाव आयोग प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए जल्द से जल्द संभव समय देता है। सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी के मामले में आयोग के साथ बैठक के लिए 12:09 का अनुरोध प्राप्त हुआ। हालांकि पार्टी ने बैठक के मुद्दे को लेकर अपने मांग पत्र में कोई चर्चा नहीं की थी। आप के अनुरोध की जांच के बाद ईसीआई ने एक बजे के आस पास बैठक का समय  मेल के माध्यम से शाम 4:30 बजे दिया गया था। सूत्रों ने यह भी बताया कि बैठक का टाइम तय होने के बाद भी चुनाव आयोग के दरवाजे पर आप नेताओं ने हंगामा जारी रखा। इसके बाद 3:20 बजे ईसीआई ने एक और मेल भेज कर बैठक में वार्ता के लिए मुद्दे के संबंध में विवरण की मांग की साथ ही अनुरोध किया कि वे विरोध प्रदर्शन बंद कर दें। 

इसके बाद भी जब हंगामा शांत नहीं हुआ तो आयोग ने मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप प्रतिनिधिमंडल के चार सदस्यों से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि सूरत से आप प्रत्याशी कंचन जरीवाला के नामांकन वापसी के बाद सिसोदिया ने ट्वीट कर आरोप लगाते हुए कहा था कि कैंडिडेट का अपहरण हो गया। गनप्वाइंट पर उसका नामांकन वापस कराया गया। चुनाव आयोग के लिए इससे बड़ी एमेरजेंसी क्या हो सकती है? अपनी मांगो को लेकर उन्होंने धरना दिया था। 

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