चुनावी सुधार लागू करने को लेकर भले ही चुनाव आयोग को केंद्र सरकार की बाट जोहनी पड़ रही हो, लेकिन पांच चुनावी राज्यों में आयोग ने सख्त प्रशासक की भूमिका निभाने की पूरी तैयारी कर ली है। आयोग के नए सख्त नियमों में किसी को नहीं बख्शने का इरादा स्पष्ट है जबकि आयकर विभाग के साथ मिलकर उसने चुनाव में काले धन पर बहुत हद तक नकेल कस दी है।
सियासी दलों और आम जनता के बैंक खातों पर भी नजर रखी जा रही है। आयोग ने पूरे राज्य की कानून व्यवस्था अपने हाथ में ले ली है। उधर, सुप्रीम कोर्ट भी जल्द चाहता है कि किस चरण तक आपराधिक मामलों के मुकदमे में शामिल व्यक्ति को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग ने अर्द्धसैनिक बलों को खर्चीली विधानसभा सीटों पर सख्त नजर रखने को कहा है। उम्मीदवारों को अलग से बैंक खाता खोलने और इस खाते से ही चुनाव खर्च करने की हिदायत है। इसके अलावा आयकर विभाग को छापेमारी के लिए चुनावी राज्यों के हवाई अड्डों और राज्यों में एयर इंटेलीजेंस यूनिट बनाने के लिए कहा गया है।