चुनाव प्रचार अभियान के प्रमुख रणनीतिकार प्रशांत किशोर खामोशी के साथ सक्रिय हैं। प्रशांत किशोर का मुख्य ध्यान पंजाब के साथ-साथ अब उत्तराखंड पर है। माना यह जा रहा है कि जनवरी के दूसरे और तीसरे सप्ताह में प्रशांत किशोर का असर फिर से उ.प्र. में दिखाई पड़ सकता है।
फिलहाल इस समय चर्चा से दूर रहकर किशोर का उद्देश्य उत्तराखंड और पंजाब में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान को मजबूत करते जाना है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यालय सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर अपना काम कर रहे हैं। पंजाब की प्रभारी आशा कुमारी भी प्रशांत किशोर को लेकर अधिक कुछ नहीं बताना चाहती।
आशा कुमारी का कहना है कि वह चुनाव प्रचार के तरीके, तकनीक आदि के संबंध में अपना सुझाव देने का काम करते हैं। जहां तक पंजाब का सवाल है तो कांग्रेस अच्छी स्थिति में हैं। आशा कुमारी का कहना है कि पंजाब में हमारी मुख्य लड़ाई अकाली दल से है और कांग्रेस चुनाव बाद राज्य में सरकार बनाने जा रही है।