कर्नाटक के विधानसभा चुनाव के लिए एक सप्ताह से भी कम का समय बचा है। सभी सियासी दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इस बीच, चुनाव आयोग ने अखबारों में प्रकाशित 'करप्शन रेट कार्ड' वाले विज्ञापनों को लेकर कांग्रेस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने रविवार की शाम तक उसे अपने आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्य मांगे हैं। शनिवार को भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर यह नोटिस जारी किया गया है।
ईसी ने अपने नोटिस में कहा कि ये एक उचित धारणा है कि कांग्रेस के पास सामग्री/अनुभवजन्य/सत्यापन योग्य साक्ष्य हैं, जिसके आधार पर ये विशिष्ट/स्पष्ट 'तथ्य' प्रकाशित किए गए हैं, एक ऐसी कार्रवाई जिसका लेखन के ज्ञान और ऐसा करने के पीछे की मंशा का पता लगाने के लिए निष्पक्ष रूप से मूल्यांकन किया जा सकता है।
आयोग ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख से कहा कि वह इसके अनुभवजन्य साक्ष्यों (जैसे आपके द्वारा दिए गए विज्ञापन में उल्लिखित नियुक्ति और तबादलों की दर, नौकरियों के प्रकार और रिश्वत के प्रकार) के साथ 7 मई, 2023 की शाम 7.30 बजे तक कोई स्पष्टीकरण दें और इसे सार्वजनिक डोमेन में भी रखें।
आयोग ने इससे पहले 2 मई को सभी दलों और हितधारकों को सलाह दी थी कि वे चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता और बयानों की भाषा को लेकर सावधान रहें, ताकि राजनीतिक संवाद की गरिमा बनाए रखी जा सके। आयोग ने राजनीतिक दलों को अभियान और चुनावी माहौल को खराब न करने की नसीहत दी थी।
राज्य में 224 विधानसभा सीटों के लिए 10 मई को मतदान होने वाले हैं। नतीजे 13 मई को आएंगे।