फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Wayanad Bypoll: चुनाव आयोग ने शुरू की वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया, कांग्रेस ने साधा निशाना

Wed, 07 Jun 2023 10:45 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझीकोड

सार

कोझिकोड के डिप्टी कलेक्टर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की हैसियत से पांच जून को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भेजे गए एक पत्र में कहा गया था कि ईवीए और वीवीपीएटी प्रणालियों के सत्यापन के बाद मॉक पोल वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सात जून को कराया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चुनाव आयोग ने वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि के मामले में गुजरात की एक अदालत ने दोषी ठहराया गया था, उन्हें दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। इसको बाद से यह सीट खाली थी। 

विज्ञापन


कोझिकोड के डिप्टी कलेक्टर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की हैसियत से पांच जून को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भेजे गए एक पत्र में कहा गया था कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीए) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) प्रणालियों के सत्यापन के बाद मॉक पोल वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सात जून को कराया जाएगा। 

दलों को सूचित किया गया था कि ईवीएम और वीवीपीएटी प्रणाली का मॉक पोल और सत्यापन कोझीकोड सिविल स्टेशन असवासकेंद्रम गोदाम में आयोजित किया जाएगा। चुनाव आयोग का यह कदम ऐसे समय में आया है जब सूरत सत्र अदालत के आदेश के खिलाफ गांधी की पुनर्विचार याचिका गुजरात उच्च न्यायालय में लंबित है। 
विज्ञापन


कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के इस कदम के पीछे रहस्य है। पार्टी ने पूछा कि आयोग को उसके समक्ष लंबित अपील में अदालत के फैसले के बारे में पहले से कैसे पता चल गया। गांधी की याचिका पर उच्च न्यायालय का फैसला आने से पहले ही वायनाड लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

कोझिकोड डीसीसी के अध्यक्ष के. प्रवीण कुमार ने कहा कि यह (कदम) रहस्यमयी और संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि देश के लोग जानना चाहते हैं कि चुनाव आयोग ने किस प्राधिकरण के निर्देश पर वायनाड लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए काम करना शुरू किया है।  

केपीसीसी महासचिव और विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने आरोप लगाया कि इस कदम के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में गांधी के भाषण देने के बाद से भाजपा सरकार उनके खिलाफ जल्दबाजी में काम कर रही है और गांधी के निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव कराने का कदम भी उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।कुझलनादन ने यह भी कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की शानदार जीत के बाद गांधी मजबूत होकर उभरे हैं।

सूरत की एक अदालत द्वारा 2019 के मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के लगभग 24 घंटे बाद 24 मार्च को गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस कार्रवाई को कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रतिशोधी राजनीति करार दिया और इसके खिलाफ कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ने का संकल्प लिया। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें