अरुणाचल प्रदेश के तवांग में मंगलवार सुबह रिक्टर पैमाने पर 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। किसी के जानमाल के नुकसान या संपत्ति के नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी।
एनसीएस के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 4:07 बजे आया और यह तवांग से 81 किमी उत्तर में लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था।कल अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग के दक्षिण में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। 18 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है। इस साल देश में 1 से 30 सितंबर के बीच छोटे परिमाण (3 से कम) के 17 भूकंप आए।
मध्यप्रदेश में सुबह आया भूकंप
वहीं मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में मंगलवार सुबह तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की 3.9 तीव्रता थी। भूकंप के कारण जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
साथ ही मध्यप्रदेश के जबलपुर समेत छह जिलों में भी मंगलवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। करीब 50 सेकंड तक लोगों ने जमीन में कंपन महसूस की, डरकर लोग घरों से बाहर निकल। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई हैं। केंद्र जबलपुर से 35 किमी दूर और डिंडौरी से 10 किमी दूर रहा। भूकंप का हाइपो सेंटर 10 किमी की गहराई पर मिला है।
सुबह करीह 8 बजकर 43 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस करते ही लोग दहशत में घरों से बाहर निकल गए। प्रदेश के छह जिलों डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, अनूपपुर बालाघाट और उमरिया जिले में लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया।
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।