सोमवार शाम 7.23 बजे अंडमान व निकोबार द्वीप में भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई। इसके बाद जम्मू-कश्मीर व बिहार की राजधानी पटना समेत कई जिलों में से भी धरती हिलने की खबर आई।
अंडमान में आए भूकंप का केंद्र दक्षिण-दक्षिण पूर्वी पोर्टब्लेयर में था। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने यह जानकारी दी। पटना के साथ ही दक्षिण व उत्तर बिहार के कई जिलों सोमवार रात 9.25 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता 3.5 थी। दहशत के मारे पटना समेत कुछ क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल आए। करीब 30 सेकेंड तक कंपन हुआ। अभी कहीं से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
अंडमान में भूकंप के कुछ ही देर बाद जम्मू-कश्मीर में भी शाम करीब 7:50 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। किश्तवाड़ में भूकंप के झटकों से लोग सहम उठे। जम्मू-कश्मीर में आठ फरवरी को भी सुबह 4.56 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 थी। राज्य में जनवरी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दिसंबर में भी 19 तारीख को घाटी में धरती हिली थी।
इससे पहले गत शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूपी और उत्तराखंड के भी कई शहरों में झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में जमीन से 74 किलोमीटर नीचे था। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू संभाग के अधिकांश जिलों में भूकंप महसूस कर लोग घरों से बाहर की ओर भागे।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने शुरुआत में अफगानिस्तान और अमृतसर में भूकंप का केंद्र बताया, लेकिन जांच के बाद भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में निकला। रात 10.31 बजे आए भूकंप के झटकों की अवधि 40 सेकंड तक रही। झटके इतने तेज थे कि दिल्ली एनसीआर में लोग घरों से बाहर निकल आए।