12-13 अगस्त की रात पृथ्वी ने पर्सिड्स उल्का वर्षा (पर्सिड्स मेटिओर शावर) का अद्भुत नजारा देखा। इस खगोलीय घटना को नासा ने पहले ही साल का सबसे लोकप्रिय आसमानी शो करार दिया। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में साफ आसमान के नीचे बैठे लोगों ने टूटते तारों की बौछार का आनंद लिया। अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई हिस्सों में यह चमक बेहद साफ दिखी, जबकि कुछ क्षेत्रों में मौसम ने बाधा डाली।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल का सबसे खूबसूरत नजारा अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों और स्पेन के कैनरी द्वीप समूह में देखा गया जहां साफ आसमान और न्यूनतम प्रकाश प्रदूषण ने उल्काओं को पूरे वैभव के साथ चमकने दिया। नासा और अन्य स्पेस एजेंसियों के अनुसार पर्सिड्स उल्का वर्षा हर साल तब होती है जब पृथ्वी, धूमकेतु स्विफ्ट-टटल द्वारा छोड़े गए धूल और मलबे के रास्ते से गुजरती है।
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ये उल्काएं वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलने लगती हैं, जिससे आसमान में चमकीली लकीरें बनती हैं। यह घटना हर साल जुलाई मध्य से अगस्त अंत तक रहती है, लेकिन इसका पीक इस वर्ष 12-13 अगस्त की रात को आया। पर्सिड्स उल्का वर्षा न केवल एक शानदार दृश्य अनुभव है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से यह वायुमंडलीय अध्ययन, उल्कापिंड संरचना व धूमकेतु के विकास को समझने में अहम भूमिका निभाती है।
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कहां-कहां दिखा दिलकश नजारा
- अमेरिका : एरिजोना, नेवाडा व कैलिफोर्निया के रेगिस्तानी इलाकों में लोगों ने खुले आसमान में एक घंटे में 60-80 उल्काएं देखीं।
- स्पेन के कैनरी द्वीप समूह : साफ, अंधेरा व बिना बादलों वाला आसमान, जिसे विशेषज्ञों ने 2025 का सबसे बेहतरीन उल्का-वर्षा दृश्य बताया।
- जापान और चीन : ग्रामीण और समुद्री क्षेत्रों में उल्काएं साफ दिखीं, जबकि शहरी इलाकों में प्रकाश प्रदूषण ने दृश्य को सीमित किया।
- भारत : लद्दाख, स्पीति घाटी और अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में आसमान साफ था, जहां खगोल-प्रेमियों ने घंटों इस शो को कैमरों में कैद किया।