भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 5वीं वर्षगांठ के समारोह के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वियतनाम नेशनल असेंबली के अध्यक्ष वुओंग दिन्ह ह्यू को 1958 में सप्रू हाउस में पूर्व वियतनामी राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की एक तस्वीर भेंट की। समारोह के हिस्से के रूप में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने वियतनाम नेशनल असेंबली के अध्यक्ष, वुओंग दिन्ह ह्यू के साथ फोटो प्रदर्शनी में भाग लिया।
इस दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष हम भारत-वियतनाम राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मनाएंगे। भारत के लिए वियतनाम आसियान और इंडो-पैसिफिक दोनों में एक प्रमुख भागीदार है।
उन्होंने कहा कि हमारा व्यापार 2020 में 10 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर गया है। मेकांग-गंगा सहयोग के तहत भारत वियतनाम के 33 प्रांतों में कई परियोजनाओं को लागू कर रहा है जो स्थानीय समुदाय को लाभान्वित कर रहे हैं और वियतनाम को अपने सतत विकास लक्ष्य तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं।
वहीं, विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि ताजिक विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन आधिकारिक यात्रा के लिए और भारत-मध्य एशिया वार्ता की तीसरी बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे।
हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए वियतनाम से साझेदारी अहम : जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता के लिए भारत और वियतनाम की साझेदारी अहम होगी। भारत-वियतनाम राणनीतिक साझेदारी की पांचवीं वर्षगांठ पर जयशंकर ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ आसियान के सदस्य देशों के लिए हमारा निर्देशक सिद्धांत है। इस नीति की सफलता ने हमें व्यापक हिंद प्रशांत दृष्टिकोण अपनाने में मदद की। उधर, फिक्की के एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देने पर विश्व बिरादरी की पूरी सहमति है।
वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल से उप-राष्ट्रपति ने की मुलाकात
वियतनाम से भारत आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की। वियतनाम के सोशलिस्ट रिपब्लिक दल के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्त्व वियतनाम के नेशनल एसेंबली के चेयरमैन वुंग दिन्ह ह्यू कर रहे थे। बैठक के दौरान उप-राष्ट्रपति ने कहा कि वियतनाम भारत के लिए ईस्ट पॉलिसी और भारत-प्रशांत दृष्टिकोण से अहम है। दोनों देशों के बीच बेहतर साझेदारी की जरूरत है।