दो दिवसीय बिम्सटेक विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के समापन के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी देते हुए कहा कि हमारी बातचीत में बिम्सटेक सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। कनेक्टिविटी को मजबूत करने, संस्थागत निर्माण, व्यापार और व्यवसाय में सहयोग, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष में सहयोग, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, क्षमता निर्माण और सामाजिक आदान-प्रदान के साथ-साथ नए तंत्रों के गुणों पर भी चर्चा हुई।
सात देशों का क्षेत्रीय संगठन है बिम्सटेक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शिखर सम्मेलन की सराहना करते हुए इसे काफी फलदायी बताया और बैठकों को अत्यधिक उपयोगी बताया। बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) समूह के सदस्य देशों के विदेश मंत्री बंगाल की खाड़ी के देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आज दिल्ली में एकजुट हुए। बता दें कि बिम्सटेक एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें सात सदस्य देश शामिल हैं - बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड।
पीएम मोदी ने भी विदेश मंत्रियों से की मुलाकात
इससे पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक के सदस्य देशों से मुलाकात की और क्षेत्रीय सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों के अलावा, बातचीत में कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान, सुरक्षा और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में, पीएम मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए थाईलैंड को पूरा समर्थन दिया। इस दौरान बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री (एमओएस) पाबित्रा मार्गेरिटा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल हुए।
इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा- बिम्सटेक विदेश मंत्रियों से मिलकर खुशी हुई। कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान, सुरक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। सफल शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड को पूरा समर्थन दिया।
जयशंकर ने थाईलैंड के विदेश मंत्री से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को थाईलैंड के विदेश मंत्री मैरिस सांगियाम्पोंगसा के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसमें दोनों मंत्रियों ने राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मामलों, भारत-आसियान, हिंद प्रशांत और संयुक्त राष्ट्र में सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं।