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Jaishankar: विदेश मंत्री बिजनेस कॉन्क्लेव में बोले, नॉर्डिक-बाल्टिक के आठ देशों से बढ़ रहा भारत का जुड़ाव

Wed, 22 Nov 2023 01:52 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, भारत का नॉर्डिक-बाल्टिक के आठ देशों से जुड़ाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग दो साल पहले उत्तरी यूरोपीय देश एस्टोनिया की राजधानी टालिन में भारतीय दूतावास की शुरुआत इसी का संकेत है।
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विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर (फाइल) - फोटो : social media
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विस्तार
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भारत अपनी विदेश नीति पर क्या सोचता है इसका साफ संकेत विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने सीआईआई की तरफ से आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव में दिया। उन्होंने भारत और आठ नॉर्डिक बाल्टिक देशों के सम्मेलन में कहा कि भारत पिछले दो-तीन साल में इन देशों में कई दूतावास और वाणिज्य दूतावास की शुरुआत कर चुका है।
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दूसरे सीआईआई इंडिया नॉर्डिक बाल्टिक बिजनेस कॉन्क्लेव में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "नॉर्डिक-बाल्टिक आठ (एनबी8) देशों के साथ हमारा जुड़ाव पिछले कुछ वर्षों में स्पष्ट रूप से बढ़ा है। हमने दिसंबर, 2021 में टालिन में अपना दूतावास खोला है।"

विदेश मंत्री ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने इसी साल मार्च में पूर्वी यूरोपीय देश लिथुआनिया की राजधानी विनियस में भी दूतावास की शुरुआत की है। डॉ जयशंकर ने कहा, बहुत जल्द लातविया में एक निवासी भारतीय दूतावास खोला जाएगा। विदेश से भारत आने में भी दिलचस्पी बढ़ने का संकेत देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, फिनलैंड ने मुंबई में एक वाणिज्य दूतावास की शुरुआत की है। 
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उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड के अलावा उत्तरी यूरोपीय देश- डेनमार्क जाने के लिए भी भारत से सीधी विमान सेवा शुरू हो चुकी है। यह दिखाता है कि भारत का नॉर्डिक बाल्टिक देशों (NB8) के बीच संपर्क और गतिशीलता (mobility) है। विदेश मंत्री ने कहा कि घनिष्ठ व्यवसायिक सहयोग के लिए भी NB8 देशों के साथ रूपरेखा पर मंथन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तरी यूरोपीय देश फिनलैंड के साथ भारत ने स्थिरता साझेदारी, डिजिटलीकरण और शिक्षा संवाद स्थापित किया है। डेनमार्क के साथ भारत की हरित रणनीतिक साझेदारी है। इसके अलावा दोनों देश मिलकर जल समाधान, पवन ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और कृषि में सहयोग को मजबूत और सुविधाजनक बना रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत उत्तरी अटलांटिक द्वीप समूह- फरो आइलैंड्स और उत्तरी अमेरिकी क्षेत्र- ग्रीनलैंड के साथ मजबूत सहयोग की आशा रखता है।

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, स्वीडन के साथ, उद्योग परिवर्तन पहल के लिए भारत के नेतृत्व में 18 देश और 19 प्रमुख वैश्विक कंपनियां शामिल हुई हैं। पिछले कुछ समय में इसका फल भी मिला है। उन्होंने बताया कि 260 से अधिक स्वीडिश कंपनियां भारत में नवाचार, निर्माण, रक्षा और स्वच्छ प्रौद्योगिकी में काम कर रही हैं।

डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत और आइसलैंड लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भू-तापीय ऊर्जा के दोहन पर मिलकर काम कर रहे हैं। पूर्वोत्तर भारत के लिए भी इसी तरह की परियोजनाओं की योजनाएं बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ठंडे और गर्म पानी में मत्स्य पालन में उत्कृष्ट योग्यता का लक्ष्य पाने के लिए केंद्र स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। 

उन्होंने कहा कि भारत ने समुद्री व्यापार के क्षेत्र में क्षमताओं को पहचाना है। जल आधारित कारोबार से जुड़ी अर्थव्यवस्था (blue economy), पवन और भू-तापीय ऊर्जा (geothermal energy) की क्षमता का भरपूर इस्तेमाल किया जा सके, इसके लिए भारत और नॉर्वे के बीच भी मजबूत सहयोग किया जा रहा है। विदेश मंत्री ने कहा, दोनों देशों के बीच ध्रुवीय अध्ययन, हरित शिपिंग, जल प्रबंधन, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी परस्पर सहयोग हो रहा है। 

डॉ एस जयशंकर ने कहा, बाल्टिक देशों के साथ, भारत की नियमित और आधिकारिक स्तर की बातचीत होती है। उन्होंने कहा, भारत ई-गवर्नेंस, साइबरस्पेस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, स्टार्टअप, रक्षा प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी मजबूत सहयोग के नए रास्तों की लगातार तलाश कर रहा है।
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